देश की खबरें | सिद्धू पंजाब के मुख्यमंत्री के अधिकार को कमजोर कर रहे हैं: अमरिंदर

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चंडीगढ़, 30 सितंबर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर अपने हमले जारी रखते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि उन्हें लगता है कि सिद्धू मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के अधिकार को कमतर कर रहे हैं।

अमरिंदर ने यह भी कहा कि सिद्धू ने जिस तरह की स्थिति बनाई है, वैसी पहले कभी पंजाब ने नहीं देखी है। यह पूछे जाने पर कि क्या सिद्धू चन्नी के अधिकार को कमतर कर रहे हैं तो वरिष्ठ कांग्रेस नेता अमरिंदर ने कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है।” वह दिल्ली यात्रा से बृहस्पतिवार शाम ही चंडीगढ़ लौटे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, “सिद्धू का काम पार्टी को चलाना है और चन्नी का काम सरकार चलाना है। कभी कोई हस्तक्षेप नहीं होता है। मैं तीन बार पीसीसी (पंजाब कांग्रेस कमेटी का) प्रमुख रह चुका हूं।”

उन्होंने कहा, “दोनों (प्रदेश कांग्रेस प्रमुख और मुख्यमंत्री) एक-दूसरे से सलाह-मशविरा करते हैं, लेकिन अंतिम फैसला चन्नी का है, जो मुख्यमंत्री हैं, सिद्धू का नहीं।”

सिद्धू ने मंगलवार को अचानक प्रदेश कांग्रेस प्रमुख के पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे पंजाब में सत्तारूढ़ पार्टी विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले एक नए संकट में घिर गई। सिद्धू ने राज्य के पुलिस महानिदेशक, महाधिवक्ता की नियुक्ति और 'दागी' नेताओं को मंत्रियों बनाने पर बुधवार को सवाल उठाए।

अमरिंदर ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि कैबिनेट में किसे नियुक्त करना है और किसे हटाना है, ये फैसले मुख्यमंत्री को लेने होते हैं।

उन्होंने कहा, “मंत्रियों या अधिकारियों को नियुक्त करना, हटाना या स्थानांतरित करना मुख्यमंत्री का काम है। पीसीसी अध्यक्ष का इससे क्या लेना-देना है?“

अमरिंदर ने कहा कि वह कुल मिलाकर साढ़े नौ साल मुख्यमंत्री (2002-2007 और मार्च 2017 से सितंबर 2021) तक रहे और इस दौरान कई पीसीसी प्रमुख हुए।

उन्होंने कहा, “हम एक-दूसरे से बात करते थे और सलाह-मशविरा करते थे, लेकिन सिद्धू ने जिस तरह की स्थिति पैदा की है, वह कभी नहीं देखी गई।” अमरिंदर ने कहा, “ मैं पहले ही कह चुका हूं कि सिद्धू पंजाब के लिए सही आदमी नहीं हैं। और जहां से भी वह चुनाव लड़ेंगे, मैं उन्हें जीतने नहीं दूंगा।”

अमरिंदर ने पहले सिद्धू पर पाकिस्तान और उसके प्रधानमंत्री इमरान खान का करीबी होने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी इल्ज़ाम लगाया था कि वह सीमावर्ती राज्य के लिए "खतरनाक" हैं।

यह पूछे जाने पर कि औपचारिक रूप से पार्टी से अलग होने पर क्या कोई कांग्रेस विधायक या मंत्री उनके साथ जाएगा, उन्होंने कहा, "आपको लगता है कि मैं आपको यह बताऊंगा?"

यह पूछे जाने पर कि क्या पंजाब कांग्रेस के अंदर मौजूदा स्थिति को देखते हुए विधानसभा में शक्ति परीक्षण होना चाहिए, अमरिंदर ने कहा, "ये मामला विधानसभा अध्यक्ष को देखना है... यह मेरा काम नहीं है।"

पूछा गया कि मीडिया में आई कुछ खबरों में कहा गया है कि वह विधानसभा चुनाव से पहले एक क्षेत्रीय पार्टी बना सकते हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री ने इसका सीधा जवाब देने से बचते हुए हल्के अंदाज़ में कहा, “ मीडिया की खबरें तो यह भी कहती हैं कि मैं आज दोपहर 12 बजे भाजपा में शामिल होने जा रहा हूं।”

अमरिंदर ने फिर दोहराया कि वह भगवा पार्टी में शामिल नहीं होंगे लेकिन कहा कि वह कांग्रेस छोड़ देंगे। यह पूछे जाने पर कि वह कांग्रेस से कब इस्तीफा देंगे, अमरिंदर ने कहा, "मैं आपको उचित समय पर बताऊंगा।”

राष्ट्रीय राजधानी की अपनी यात्रा के दौरान, अमरिंदर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। उन्होंने 18 सितंबर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और कांग्रेस पर उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया था।

उन्होंने कहा, “सुरक्षा से जुड़े मुद्दे हैं, जिन्हें मैंने उठाया। पिछले चार साल से मैं देख रहा हूं कि पंजाब में क्या हो रहा है। रोजाना (सीमा पार से) ड्रोन आ रहे हैं। कुछ ऐसे हैं जिन्हें पकड़ा गया है, लेकिन कुछ ऐसे भी हो सकते हैं जिनके बारे में यह नहीं पता कि वे कहां जा रहे हैं...ये सभी मुद्दे राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित हैं।”

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