देश की खबरें | सिद्धरमैया ने कर्नाटक के किसानों की गिरफ्तारी की निंदा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के अनुसार, कर्नाटक के लगभग 100 किसान, जो 13 फरवरी को विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी जाने वाली ट्रेन में यात्रा कर रहे थे, उन्हें राज्य पुलिस ने भोपाल में रोक दिया।
किसानों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के अनुसार, कर्नाटक के लगभग 100 किसान, जो 13 फरवरी को विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी जाने वाली ट्रेन में यात्रा कर रहे थे, उन्हें राज्य पुलिस ने भोपाल में रोक दिया।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर सिद्धरमैया ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हुबली के किसानों की गिरफ्तारी बेहद निंदनीय है।
उन्होंने पोस्ट में आरोप लगाया "मैं मांग करता हूं कि मध्य प्रदेश सरकार हमारे राज्य के गिरफ्तार किए गए सभी किसानों को तुरंत रिहा करे और उन्हें कल दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में भाग लेने की अनुमति दे। हालांकि गिरफ्तारियां मध्य प्रदेश सरकार ने की हैं, यह स्पष्ट है कि इस कृत्य के पीछे आपराधिक दिमाग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भाजपा सरकार का है।''
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि गिरफ्तार करके और डरा-धमका कर किसानों के संघर्ष को दबाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा "इस तरह के दमन से और अधिक किसान सड़कों पर उतर सकते हैं, लेकिन धरती के बेटे-बेटियों का संघर्ष बंद नहीं होगा। अगर केंद्र सरकार को वास्तव में शांति और व्यवस्था की चिंता है, तो उसे तुरंत किसानों की मांगों को पूरा करना चाहिए और उन्हें दबाने और क्रूरतापूर्वक चुप कराने के बजाय उनके मुद्दे को हल करना चाहिए।''
भारतीय जनता पार्टी को किसान विरोधी करार देते हुए सिद्धरमैया ने आगे आरोप लगाया कि चाहे वह केंद्र में हो या राज्य में, जब भी भाजपा सत्ता में आती है, इतिहास गवाह है कि उनकी पहली दमनात्मक कार्रवाई किसानों के खिलाफ होती है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया "जब पहली बार भाजपा कर्नाटक में सत्ता में आई, तो बीएस येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा उर्वरक मांगने वाले किसानों पर बेरहमी से गोली चलाई गई। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी की केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली और उत्तर प्रदेश में प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ की गई कार्रवाई में कई किसानों की मौत हो गई थी।
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