मुंबई, 18 जून अमेरिकी सेना के एक सिख अधिकारी की धार्मिक भेदभाव के खिलाफ लड़ाई पर आधारित भारतीय-अमेरिकी लघु फिल्म "कर्नल कलसी" का प्रीमियर 20 जून को मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (एमआईएफएफ) में किया जाएगा।
यह लघु फिल्म अमेरिकी सिख सैन्य अधिकारी कमलजीत कलसी के इर्द-गिर्द घूमती है। उनके पिता भारतीय वायु सेना में सेवारत थे और दादा ब्रिटिश सेना में थे। कलसी ने अपने परिवार की परंपरा को जारी रखने का फैसला किया और अमेरिका में रहते हुए वहां की सेना में शामिल हो गए।
अमेरिका की सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण के दौरान उनकी धार्मिक पहचान कोई मुद्दा नहीं रही, लेकिन जब अफगानिस्तान में तैनाती का समय आया तो उनसे अपने बाल और दाढ़ी कटवाने को कहा गया, क्योंकि इससे "एस्प्रिट डे कोर" (यूनिट की भावना) में बाधा उत्पन्न होती।
सिख धर्म में बाल और दाढ़ी रखना धार्मिक पहचान का हिस्सा है। बाल और दाढ़ी कटवाने के आदेश के बाद कलसी ने अमेरिकी सेना पर अपने संवैधानिक अधिकार को बरकरार रखने के लिए मुकदमा दायर किया।
पुरस्कार विजेता निर्देशक आनंद कमलाकर और गीता गंडभीर द्वारा यह 40 मिनट की लघु फिल्म बनाई गई है।
कमालकर ने इससे पहले "गार्विन", "होली (अन) होली रिवर" और "300 माइल्स टू फ्रीडम" जैसी फिल्मों का निर्देशन किया है, वहीं गंडभीर एमी पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता हैं, जो "आई एम एविडेंस", "कॉल सेंटर ब्लूज" और "लॉउन्डेस काउंटी एंड द रोड टू ब्लैक पॉवर" जैसी फिल्मों के लिए मशहूर हैं।
"कर्नल कलसी" को पहले न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया जा चुका है।
मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 15 जून को शुरु होगा और 21 जून को समाप्त होगा।
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