देश की खबरें | केरल तट पर जहाज दुर्घटना: बचाव और सफाई पर सार्वजनिक धन क्यों खर्च किया जाए- अदालत ने पूछा
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कोच्चि, 12 जून केरल उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को राज्य और केंद्र सरकार से पूछा कि केरल तट पर हाल ही में हुए दो जहाज दुर्घटनाओं के संबंध में बचाव और सफाई कार्यों पर सार्वजनिक धन क्यों खर्च किया जाना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश नितिन जामदार और न्यायमूर्ति बसंत बालाजी की पीठ ने यह सवाल कांग्रेस नेता टी. एन. प्रतापन की जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान खड़ा किया।
पूर्व सांसद टी एन प्रतापन ने उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर लाइबेरियाई ध्वज वाले जहाज एमएससी एल्सा 3 के पलटने से प्रभावित लोगों के लिए व्यापक मुआवजा और पुनर्वास पैकेज की मांग की है।
अदालत ने सिंगापुर के ध्वज वाले मालवाहक जहाज एमवी वान हाई 503 में आग लगने की हालिया घटना को भी कार्यवाही का हिस्सा बनाया। आग पर अब भी पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है।
पीठ ने राज्य एवं केंद्र सरकार से दोनों घटनाओं में तुरंत अपेक्षित कार्रवाई करने को कहा।
पीठ ने आगे कहा कि बचाव, सफाई और अग्निशमन कार्यों पर खर्च की गई राशि तथा मछली पकड़ने की गतिविधियों के प्रभावित होने से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई संबंधित जहाज कंपनियों से की जानी चाहिए।
पीठ ने यह भी कहा कि इन जहाज कंपनियों के खिलाफ दीवानी और आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है।
राज्य सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता ने जब कहा कि मामला दर्ज करने के लिए शिकायत प्राप्त होनी चाहिए, तो अदालत ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
उसने कहा कि वह इस मामले में न्यायमित्र नियुक्त कर सकता है।
अदालत ने सरकारों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि क्षेत्र में जहाज सुरक्षित रहें।
दोनों सरकारों को सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देते हुए अदालत ने कहा कि वह मामले की अगली सुनवाई 19 जून को करेगी।
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