जरुरी जानकारी | खिलौनों की गुणवत्ता के नियम का उल्लंघन करने वाले विनिर्माताओं पर कड़े जुर्माने हो: संसदीय समिति

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. संसद की एक समिति ने सरकार के निर्धारित गुणवत्ता मानदंडों का अनुपालन नहीं करने वाले खिलौना विनिर्माताओं और आयातकों पर कड़े जुर्माने लगाने की सिफारिश की है।

नयी दिल्ली, दो अगस्त संसद की एक समिति ने सरकार के निर्धारित गुणवत्ता मानदंडों का अनुपालन नहीं करने वाले खिलौना विनिर्माताओं और आयातकों पर कड़े जुर्माने लगाने की सिफारिश की है।

समिति ने रसायनों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिये रसायन एवं पेट्रोरसायन विभाग द्वारा चिन्हित 100 रसायनिक/मध्यवर्ती इकाइयों के लिये उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना लाने का भी सुझाव दिया है।

समिति ने खिलौनों के बारे में कहा है कि गुणवत्ता नियंत्रण मानकों और इसके लाभों पर कार्यशाला आयोजित करके खिलौना संघों/उद्योग मंडलों के माध्यम से जागरूकता पैदा करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। रिपोर्ट सोमवार को संसद में पेश की गयी।

विभाग संबंधित वाणिज्य पर संसद की स्थायी समिति ने कहा, ‘‘समिति सिफारिश करती है कि गुणवत्ता नियंत्रण आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले खिलौना निर्माताओं / आयातकों पर कड़े जुर्माने लगाए जाएं।’’ इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के अनुसार ई-वे बिल, रेल भाड़ा, बंदरगाह यातायात, जीएसटी संग्रह और बिजली खपत जैसे कई महत्वपूर्ण आंकड़ों से अर्थव्यवस्था में तीव्र गति से पुनरूद्धार होने का पता चल रहा है।

हालांकि समिति ने कहा, ‘‘विभाग ने ऐसा कोई व्यवहारिक आंकड़ा नहीं दिया है, जिससे इस बात को समर्थन मिले कि अर्थव्यवस्था में गिरावट के बाद तीव्र गति से यानी ‘वी’ आकार में पुनरूद्धार हो रहा है।’’ रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि डीपीआईआईटी को इन संकेतकों के बारे में विस्तृत आंकड़े देने चाहिए।

समिति ने यह भी कहा कि उसने राष्ट्रीय ‘लॉजिस्टिक’ विधेयक तैयार करने के संबंध में कोई उल्लेखनीय प्रगति नहीं देखी।

इसने भारत में लॉजिस्टिक क्षेत्र के कुशल कामकाज और इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर पर विधान तैयार करने को लेकर जल्द से जल्द कानून को लागू करने का आह्वान किया। समिति ने देश में अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिये डीपीआईआईटी को वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने और जरूरी कदम उठाने को कहा है।

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