देश की खबरें | मिंटो ब्रिज के नीचे जलभराव की गंभीर समस्या दशकों से बरकरार
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नयी दिल्ली, 19 जुलाई दिल्ली के मिंटो ब्रिज के जलभराव की जो तस्वीर रविवार को सामने आयी, वह दशकों पुरानी गंभीर समस्या को दर्शाती है और हर साल मानूसन के मौसम में सोशल मीडिया पर वायरल होती है।
कई दशकों से हर साल करीब 90 वर्ष पुराने इस पुल के नीचे बारिश का पानी भर जाता है और पानी में फंसी बसों से लोगों को निकालने की तस्वीर सामने आती है।
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इसी कड़ी में राष्ट्रीय राजधानी में रविवार सुबह भारी बारिश के बाद मध्य दिल्ली में मिंटो ब्रिज के नीचे पानी भर जाने के कारण एक छोटे ट्रक के कथित रूप से डूब जाने से 56 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि व्यक्ति की पहचान उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के कुंदन कुमार के रूप में की गई है। वह नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन से कनॉट प्लेस जा रहा था, तभी उसका वाहन जलभराव वाले क्षेत्र में फंस गया।
हर मानसून में यहां जलभराव, बस एवं निजी वाहनों के फंसने और फिर बचाव दल के जरिए लोगों को निकालने की तस्वीरें अखबारों, चैनलों और सोशल मीडिया पर छायी रहती हैं।
ऐसा मामला सामने आने के बाद लोग वर्षों पुरानी श्वेत-श्याम तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा करते हैं।
इसी संदर्भ में वर्ष 1990 की एक तस्वीर वायरल होती है, जिसमें मिंटो रोड पर पानी में लगभग डूब चुकी डीटीसी बस है और लोग उसे ब्रिज के ऊपर से उसे देख रहे हैं।
रविवार को मिंटोब्रिज ट्विटर पर छाया रहा।
एक व्यक्ति ने ट्विटर पर 1990 की तस्वीर साझा करते हुए कटाक्ष किया, '' 1990 से लेकर 2020 तक मिंटो ब्रिज ने अपनी विरासत को बरकरार रखा।''
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