देश की खबरें | पिता, सौतेली मां सहित परिवार के चार सदस्यों के हत्यारे को फांसी की सजा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. देहरादून की एक अदालत ने एक युवक को परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने का मंगलवार को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनायी। सात साल पहले युवक ने अपने पिता और सौतेली मां सहित परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी थी।

देहरादून, पांच अक्टूबर देहरादून की एक अदालत ने एक युवक को परिवार के चार सदस्यों की हत्या करने का मंगलवार को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनायी। सात साल पहले युवक ने अपने पिता और सौतेली मां सहित परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी थी।

देहरादून के अपर जिला न्यायाधीश पंचम आशुतोष मिश्रा ने हरमीत सिंह को 2014 की दीवाली की रात इस जघन्य हत्याकांड को अंजाम देने के लिए फांसी की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने इसके अलावा दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

सरकार की तरफ से मामले की पैरवी करने वाले शासकीय अधिवक्ता राजीव गुप्ता ने इस निर्णय को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि हत्यारे को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, धारा 307 और 316 के तहत दोषी ठहराया गया।

उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में घायल बच्चे की गवाही अहम रही जो अपराध का प्रत्यक्षदर्शी भी था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, घटना से एक दिन पहले चाकू पर धार लगाने वाले की गवाही को भी अदालत ने महत्वपूर्ण माना।

गुप्ता ने बताया कि दोषी युवक अपनी मानसिक स्थिति को लेकर अदालत को गुमराह भी करता रहा और इसी कारण निर्णय आने में देरी हुई। हांलांकि, अधिवक्ता ने कहा कि एम्स के चिकित्सकों के पैनल की जांच में वह पूरी तरह से फिट पाया गया जिसके बाद अदालत ने यह निर्णय सुनाया।

उन्होंने बताया कि सात साल पहले हरमीत सिंह ने संपत्ति के लिए यहां आदर्शनगर कॉलोनी में अपने कारोबारी पिता जय सिंह, सौतेली मां कुलवंत कौर, आठ माह की गर्भवती सौतेली बहन हरजीत कौर, हरजीत की तीन साल की पुत्री सुखमणि की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी।

उन्होंने बताया कि हरमीत ने पांच साल के अपने भांजे कंवलजीत को भी मारने का प्रयास किया था लेकिन वह वहां से भाग निकला और उसकी गवाही हत्यारे को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण रही।

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