जरुरी जानकारी | सेबी की स्पैक मसौदा तैयार करने की योजना, घरेलू शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो सकेंगे स्टार्टअप

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पूंजी बाजार नियामक सेबी विशेष प्रयोजन अधिग्रहण कंपनियों (एसपीएसी) के लिए रूपरेखा तैयार करने की योजना बना रहा है, जिसके जरिए घरेलू शेयर बाजारों में स्टार्टअप को सूचीबद्ध किया जा सकेगा। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, 24 जून पूंजी बाजार नियामक सेबी विशेष प्रयोजन अधिग्रहण कंपनियों (एसपीएसी) के लिए रूपरेखा तैयार करने की योजना बना रहा है, जिसके जरिए घरेलू शेयर बाजारों में स्टार्टअप को सूचीबद्ध किया जा सकेगा। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि नियामक अगले सप्ताह इस संबंध में दिशानिर्देश जारी कर सकता है।

स्पैक या ब्लैंक चेक कंपनियों का गठन प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) के जरिए पूंजी जुटाने के लिए किया जाता है, जिसका इस्तेमाल लक्ष्यित कंपनी के विलय के लिए किया जाता है।

स्पैक आमतौर पर निजी इक्विटी फंड या वित्तीय संस्थानों द्वारा बनाई जाती है। ऐसी कंपनियां हाल में अमेरिका में लोकप्रिय हुई हैं। भारत में भी स्पैक को अनुमति देने की मांग बढ़ती जा रही है।

सूत्रों ने कहा कि प्रस्तावित मसौदे के तहत सेबी स्पैक पर अलग से नियम बना सकता है, जिसके तहत ऐसी फर्मों के लिए सूचीबद्ध होने के विस्तृत नियम जारी किए जाएंगे। सूत्रों ने कहा कि इसमें आईपीओ के लिए न्यूनतम सीमा आकार शामिल होगा।

डेलॉइट इंडिया के पार्टनर विकास बागरिया ने कहा कि एक संस्थापक या प्रायोजक को स्पैक के साथ लक्ष्यित कंपनी के पुन: विलय के बाद 12 महीने से 18 महीने की अवधि तक निवेशित रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा उन्हें विलय की गई इकाई में डी-स्पैक के बाद 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत के बीच इक्विटी हिस्सेदारी रखनी चाहिए।

बागरिया के अनुसार स्पैक वाहन को अधिग्रहण पूरा करने के लिए 24 महीने से 36 महीने तक समय दिया जाना चाहिए।

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