जरुरी जानकारी | सेबी ने डीमैट निवेदन प्रक्रिया के तहत अनुपालन नियमों में राहत की समयसीमा बढ़ाई

नयी दिल्ली, 30 जून पूंजी बाजार नियामक सेबी ने मंगलवार को एक बार फिर से डिपॉजिटरी भागीदारों और शेयर हस्तांतरण एजेंटों के डीमैट आग्रह को आगे बढ़ाने के मामले में नियमों के अनुपालन में राहत दी है।

कोरोना वायरस महामारी की मौजूदा स्थिति को ध्यान में रखते हुये यह कदम उठाया गया है।

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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि अनुपालन में दी गई राहत को 31 जुलाई, 2020 तक बढ़ा दिया गया है।

इससे पहले नियामक ने इस संबंध में अनुपालन जरूरतों में भी छूट दी थी।

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सर्कुलर में कहा गया है, ‘‘कोविड-19 महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुये और डिपॉजिटरी भागीदारों से मिले ज्ञापनों के मद्देनजर डिपॉजिटरी भागीदारों, शेयर ट्रांसफर एजेंट के रजिस्ट्रारों (आरटीए) के लिये नियामकीय अनुपालनों की समयसीमा को और आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है।’’

नियामक ने आरटीए और डिपॉजिटरी भागीदारों अथवा जारीकर्ताओं की ओर से डीमैट आग्रह को प्रसंस्कृत किये जाने के मामले में अनुपालन जरूरतों में राहत दे दी है। नियमों के तहत इस तरह के आग्रह को 15 दिन के भीतर प्रसंस्कृत करना होता है जबकि डिपॉजिटरी भागीदारों को यह काम सात दिन में करना होता है।

सेबी ने कहा है कि 23 मार्च से लेकर 31 जुलाई तक की अवधि को अनुपालन के मामले में मौजूदा समयसीमा की गणना से अलग रखा जायेगा। इसके साथ ही डिपॉजिटरी भागीदारों को 31 जुलाई के बाद भी पिछले आवेदनों को निपटाने के लिये 15 दिन का समय और दिया जायेगा।

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