जरुरी जानकारी | एसईए ने खाद्य तेल कंपनियों को कीमतों में वृद्धि से ‘बचने’ को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. खाद्य तेलों की कीमतों में भारी तेजी के बीच खाद्य तेल उद्योग के प्रमुख संगठन साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने मंगलवार को अपने सदस्यों से अनुरोध किया कि वे असुविधा से बचने के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) बढ़ाने से परहेज करें और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करें।
नयी दिल्ली, पांच अप्रैल खाद्य तेलों की कीमतों में भारी तेजी के बीच खाद्य तेल उद्योग के प्रमुख संगठन साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने मंगलवार को अपने सदस्यों से अनुरोध किया कि वे असुविधा से बचने के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) बढ़ाने से परहेज करें और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करें।
एसईए के अध्यक्ष अतुल चतुर्वेदी ने अपने सदस्यों को लिखे एक पत्र में कहा कि देश खाद्य तेलों की ऊंची कीमतों से जूझ रहा है और रूस-यूक्रेन गतिरोध के कारण स्थिति और खराब हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘ऊंची खाद्य तेल मुद्रास्फीति, भले ही यह काफी हद तक आयात के कारण हो, ने नीति-निर्माताओं को परेशान कर रखा है। हालांकि, अधिकारियों को लगता है कि व्यापारियों द्वारा खाद्य तेलों और तिलहनों की जमाखोरी से कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन हमारा ऐसा मानना नहीं है।’’
यह बताते हुए कि यह असामान्य समय है, चतुर्वेदी ने सदस्यों को भंडारण नियंत्रण आदेश के तहत निर्धारित की जा रही स्टॉक सीमा का सख्ती से पालन करने की सलाह दी।
उन्होंने सदस्यों से ‘‘असुविधा से बचने के लिए एमआरपी को बढ़ाने से बचने के लिए भी कहा।
मुंबई स्थित एसईए ने भी सदस्यों से यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया कि आपूर्ति श्रृंखला सुचारू रूप से बनी रहे और उपभोक्ताओं को कोई कठिनाई न हो।
भारत अपनी 60 प्रतिशत खाद्य तेल की मांग को आयात के माध्यम से पूरा करता है। सरकार ने कीमतों पर लगाम लगाने के लिए आयात शुल्क में कटौती, स्टॉक रखने की सीमा तय करने और जमाखोरी की जांच के लिए औचक निरीक्षण जैसे कई उपाय किए हैं।
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