नयी दिल्ली, 26 मई भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी एस शेट्टी ने कहा है कि बैंक अनुशासित लागत प्रबंधन, कम लागत वाली जमाराशियों और शुल्क आधारित आय के विस्तार के आधार पर स्थायी रिटर्न के लिए एक ऐसा ढांचा विकसित कर रहा है जिसे आसानी से बढ़ाया जा सके।
शेट्टी ने बैंक के शेयरधारकों को भेजे संदेश में कहा, ‘‘चालू खाते और बचत खाते (कासा) में मजबूत वृद्धि, डिजिटल क्रॉस-सेलिंग क्षमताओं और मार्जिन के लिहाज से संवेदनशील परिसंपत्ति आवंटन के साथ हम स्थायी रिटर्न के लिए एक आसानी से बढ़ाया जा सकने वाला मॉडल तैयार कर रहे हैं।’’
उन्होंने वित्त वर्ष 2024-25 की सालाना रिपोर्ट में कहा, ‘‘एक साथ ये रणनीतिक कदम हमें न केवल भारत के सबसे बड़े बैंक के रूप में, बल्कि ग्राहकों और निवेशकों दोनों के लिए दीर्घकालिक मूल्य प्रदान करने के लिए विश्वास, पैमाने और नवाचार को संतुलित करते हुए सबसे आगे की ओर देखने वाले बैंक के रूप में स्थापित करते हैं।’’
एसबीआई ने वित्त वर्ष 2024-25 में 70,901 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है जो वित्त वर्ष 2023-24 के 61,077 करोड़ रुपये से 16 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि बैंक सतत और जोखिम-समायोजित वृद्धि हासिल करने के लिए ऋण क्षमता मूल्यांकन, पोर्टफोलियो निगरानी और प्रारंभिक चेतावनी का पता लगाने के लिए उन्नत विश्लेषण तरीकों का फायदा उठा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के सबसे बड़े बैंक के रूप में एसबीआई का रणनीतिक ध्यान परिचालन दक्षता में सुधार, ग्राहक अनुभव को बढ़ाने, बाजार नेतृत्व कायम रखने, मानव संसाधन क्षमताओं को मजबूत करने, जोखिम-समायोजित वृद्धि का समर्थन करने और लाभप्रदता में सुधार करने पर है।
उन्होंने कहा कि परिचालन दक्षता में सुधार करने के लिए एसबीआई स्वचालन और डेटा-संचालित निर्णय लेने का उपयोग करके प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि एसबीआई का लक्ष्य खासकर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में उभरते खंडों के लिए एक सहज और समावेशी अनुभव प्रदान करना है।
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