देश की खबरें | राष्ट्रीय निशानेबाजी चयन ट्रायल में हिस्सा लेंगे संजीव राजपूत, विजय कुमार

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नयी दिल्ली, 28 दिसंबर अनुभवी राइफल निशानेबाज संजीव राजपूत, रेपिड फायर पिस्टल में ओलंपिक रजत पदक विजेता विजय कुमार और युवा ओलंपियन दिव्यांश पंवार उन निशानेबाजों की सूची में शामिल हैं जो अगले साल आठ से 14 जनवरी तक डॉ. कर्णी सिंह रेंज में होने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय चयन ट्रायल (एक एवं दो) में हिस्सा लेंगे।

ग्रुप ए के निशानेबाजों के ये दो ट्रायल काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इनमें प्रदर्शन के आधार पर बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए राष्ट्रीय टीम का चयन होगा जिसमें एशियाई खेल भी शामिल हैं।

भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने 2023 के लिए निशानेबाजों को दो वर्ग में बांटा है। ग्रुप ए में शीर्ष स्तर के निशानेबाज शामिल हैं जबकि ग्रुप बी में उन निशानेबाजों को जगह दी गई है जो ओपन चयन ट्रायल के पात्र हैं।

एनआरएआई ने कहा कि सिर्फ ग्रुप ए के निशानेबाजों के बीच से राष्ट्रीय टीम का चयन किया जाएगा।

एनआरएआई ने बयान में कहा, ‘‘एनआरएआई की चयन पात्रता (राइफल और पिस्टल) 2023 के तहत सिर्फ ग्रुप ए के निशानेबाज राष्ट्रीय टीम और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के पात्र होंगे।’’

भारत ने अब तक 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए तीन कोटा स्थान हासिल किए हैं और लक्ष्य है कि कम से कम 2020 तोक्यो ओलंपिक के 15 कोटा स्थान की बराबरी की जाए। साथ ही नजरें स्थगित हुए एशियाई खेलों पर भी टिकी होंगी जहां भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन अच्छा रहता है।

लंदन ओलंपिक 2012 के रजत पदक विजेता विजय कुमार ने कहा कि इन दो चयन ट्रायल में वह निश्चित तौर पर अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं और पेरिस में देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। विजय ने इस साल अक्टूबर में काहिरा में विश्व चैंपियनशिप के साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चार साल से भी अधिक समय बाद वापसी की थी।

हिमाचल प्रदेश पुलिस के उपाधीक्षक विजय काहिरा में ओलंपिक कोटा हासिल करने में नाकाम रहे थे और उनका लक्ष्य इन ट्रायल के जरिए राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना और 2023 पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करना है।

विजय ने कहा, ‘‘अगले साल मेरे व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद यह (ओलंपिक कोटा स्थान) मेरा लक्ष्य रहेगा और मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ दिन में ट्रायल के लिए मुझे अपने विभाग से स्वीकृति मिल जाएगी।’’

एनआरएआई ने बयान में कहा कि ट्रायल सिर्फ ओलंपिक स्पर्धाओं के लिए होंगे।

एनआरएआई के महासचिव सुल्तान सिंह ने कहा कि इन ट्रायल से निशानेबाजों को सत्र की शुरुआत में ही प्रतिस्पर्धी अंदाज में आने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘इस साल लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होंगी और इस साल हम स्वदेश में विश्व कप चरण की मेजबानी भी करेंगे। ये राइफल और पिस्टल में हमारे शीर्ष निशानेबाज हैं और यह उनके लिए महत्वपूर्ण होगा कि वे एशियाई खेलों के और ओलंपिक से पूर्व के वर्ष में प्रतिस्पर्धी अंदाज में आ जाएं।’’

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