विदेश की खबरें | रूस यूरोपीय भ्रष्टाचार रोधी संधि से अलग हुआ
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संसद के निचले सदन ‘स्टेट ड्यूमा’ से भ्रष्टाचार से लड़ने से संबंधित यूरोपीय संधि का पालन नहीं करने को कहा है। इस पर रूस ने 1999 में हस्ताक्षर किए थे। इसे खत्म करने के लिए मतदान होगा, जिसकी तारीख का अभी ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि, जल्द ही दिनांक की घोषणा की जा सकती है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संसद के निचले सदन ‘स्टेट ड्यूमा’ से भ्रष्टाचार से लड़ने से संबंधित यूरोपीय संधि का पालन नहीं करने को कहा है। इस पर रूस ने 1999 में हस्ताक्षर किए थे। इसे खत्म करने के लिए मतदान होगा, जिसकी तारीख का अभी ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि, जल्द ही दिनांक की घोषणा की जा सकती है।
पुतिन ने ड्यूमा को लिखे अपने पत्र में कहा कि ‘काउंसिल ऑफ यूरोप’ में रूस की भागीदारी रोकने की वजह से संधि से अलग होने निर्णय किया गया है, क्योंकि परिषद संधि के पालन पर नज़र रखने का काम करती है।
उन्होंने इसे ‘अस्वीकार्य’ और ‘भेदभावकारी’ बताया है।
‘काउंसिल ऑफ यूरोप’ महाद्वीप का शीर्ष मानवाधिकार संगठन है। इसने पिछले साल 24 फरवरी को यूक्रेन पर हमले के बाद संगठन में रूस की भागीदारी को निलंबित कर दिया था।
रूस मार्च में काउंसिल ऑफ यूरोप’ से अलग हो गया था और चेताया था कि वह संधि से भी अलग हो जाएगा। मॉस्को सितंबर में मानवाधिकारों पर यूरोपीय संधि से भी अलग हो गया था।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेसकोव ने सोमवार को कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी संधि से रूस के अलग होने के फैसले का असर भ्रष्टाचार से निपटने के सरकारी प्रयासों पर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि रूस "मित्र" देशों के साथ भ्रष्टाचार विरोधी सहयोग जारी रखेगा। प्रवक्ता ने यह भी कहा, "अमित्र" देशों के साथ इस तरह के सहयोग वैसे भी रुके हुए हैं।
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