विदेश की खबरें | रूस ने सीरिया से संबंधित प्रस्ताव को वीटो करने के अपने फैसले का बचाव किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. रूस ने कहा कि मदद को छह महीने तक के लिए बढ़ाने की उसकी मांग जायज है। साथ ही रूस ने पश्चिमी देशों पर ''कपटी'' हथकंडे अपनाने और ''दुनिया पर राज'' करने की कोशिश का आरोप लगाया।
रूस ने कहा कि मदद को छह महीने तक के लिए बढ़ाने की उसकी मांग जायज है। साथ ही रूस ने पश्चिमी देशों पर ''कपटी'' हथकंडे अपनाने और ''दुनिया पर राज'' करने की कोशिश का आरोप लगाया।
संयुक्त राष्ट्र ने 26 अप्रैल को यह प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव को वीटो करने वाले सुरक्षा परिषद के किसी भी सदस्य को मामले पर चर्चा के दौरान इसका कारण बताने के लिए कहा गया था।
रूस के उप राजदूत दिमित्री पोलियेन्स्की ने कहा कि रूस की मांगों पर प्रगति का आकलन करने के लिए प्रस्ताव छह महीने तक सीमित होना चाहिए। छह अन्य महीनों के लिए दूसरा प्रस्ताव लाया जाना चाहिए।
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई सदस्य चाहते हैं कि यह अवधि बढ़ाकर एक साल की जाए।
रूस का कहना है कि मदद की अवधि छह महीने बढ़ाकर सीरिया के युद्ध प्रभावित इलाकों में सहायता आपूर्ति को तेज किया जाना चाहिए। साथ ही सहायता अभियानों में व्यापक पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और मदद को ''अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों'' तक पहुंचने से रोकना चाहिए।
अमेरिकी उप राजदूत रिचर्ड मिल्स ने पलटवार करते हुए रूस पर सीरिया के मामले में 17वीं बार वीटो शक्ति का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस बार रूस ने लाखों लोगों को मानवीय मदद पहुंचाने के प्रयासों में अड़ंगा लगाया है, जो 11 वर्ष से युद्ध की मार झेल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि रूस, सीरिया की बशर-अल-असद सरकार का समर्थन कर रहा है जबकि अमेरिका समेत पश्चिमी देश विद्रोहियों का समर्थन करते आए हैं। इसी के चलते सीरिया के मामलों में संयुक्त राष्ट्र के भीतर पश्चिमी देशों और रूस के बीच खींचतान देखने को मिलती रही है।
सीरिया में वर्ष 2011 से गृह युद्ध जारी है, जिसमें तीन लाख से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
एपी
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