देश की खबरें | अगले दो साल में शाखाओं की संख्या बढ़ाकर एक लाख करेगा आरएसएस
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जयपुर, नौ जुलाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपनी स्थापना के शताब्दी वर्ष में देश भर में अपनी शाखाओं की संख्या 2024 तक बढ़ाकर एक लाख करने का फैसला किया है। इसके साथ ही संघ ने उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड की निंदा करते हुए कहा है कि मुस्लिम समाज को ऐसी घटनाओं को खुलकर विरोध करना चाहिए।
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय बैठक शनिवार को राजस्थान के झुंझुनू में समाप्त हुई।
बैठक के बाद संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने संवाददाताओं को बताया कि इसमें संगठनात्मक कार्यों के साथ ही आगामी योजनाओं व गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि 2025 में संघ कार्य को शुरू हुए सौ वर्ष पूरे हो रहे हैं और संघ के शताब्दी वर्ष की व्यापक विस्तार योजना बनी है।
उन्होंने कहा कि इसके तहत 2024 तक देश भर में शाखाओं की संख्या को एक लाख स्थानों पर ले जाया जाएगा तथा समाज के सभी वर्गों में संघ कार्य पहुंचाने व समाज जागरण के साथ समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने का प्रयास किया जाएगा।
आंबेकर के अनुसार, वर्तमान में शाखाओं की संख्या 56,824 है। बैठक में गत वर्ष की समीक्षा की गई तथा आगामी दो वर्ष के कार्य योजनाओं का लक्ष्य तैयार किया गया।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ लोक भावना का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। कन्हैयालाल की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उदयपुर में जो नृशंस हत्या हुई वह अत्यंत निंदनीय है और इसकी जितनी भर्त्सना की जाए वह कम है।
आंबेकर ने कहा, ‘‘हमारे देश में लोकतंत्र है। संवैधानिक लोकतांत्रिक अधिकार है। किसी को अगर कोई बात पसंद नहीं आई तो उस पर प्रतिक्रिया देने के लिए लोकतांत्रिक मार्ग है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सभ्य समाज इस प्रकार की घटना की निंदा ही करता है। हिन्दू समाज शांतिपूर्ण, संवैधानिक तरीके से अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। मुस्लिम समाज से भी अपेक्षा है कि ऐसी घटना का विरोध करे।’’
आंबेकर ने कहा, ‘‘ऐसी घटनाएं न समाज हित में हैं और न ही देशहित में हैं। इसका सबको मिलकर निषेध करना आवश्यक है।’’
संघ की इस अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक में संघ के देशभर के सभी 45 प्रांतों के प्रांत प्रचारक व सह प्रांत प्रचारक शामिल हुए जिनमें संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले सहित सह सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, सी आर मुकुंद, अरुण कुमार और रामदत्त शामिल हैं। इसके अलावा संघ के अन्य विभागों के प्रमुख, अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सहित अन्य संगठनों के वरिष्ठ प्रचारक भी इसमें उपस्थित थे।
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