देश की खबरें | पंजाब में चिकित्सा सेवाओं के शुल्क में वृद्धि, विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के शुल्क में संशोधन किया है, जिसपर एक सितंबर से अमल किया जाएगा। सरकार के इस फैसले का विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 31 अगस्त पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी अस्पतालों में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के शुल्क में संशोधन किया है, जिसपर एक सितंबर से अमल किया जाएगा। सरकार के इस फैसले का विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं।
शुल्क में संशोधन किये जाने के बाद अब एंबुलेंस सेवा के लिये प्रति किलोमीटर की पांच रुपये की जगह 15 रुपये देने होंगे। इसके अलावा ईसीजी की फीस 60 से बढ़ाकर 75 रुपये कर दी गई है।
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इसी प्रकार ओपीडी पंजीकरण शुल्क को पांच से बढ़ाकर दस रुपये कर दिया गया है। सामान्य वार्ड में भर्ती होने का शुल्क भी 25 की जगह 40 रुपये कर दिया गया है।
आदेश के अनुसार मामूली सर्जरी का शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है जबकि बड़ी सर्जरी के लिये 750 रुपये की जगह अब 1,200 रुपये देने होंगे।
इसके अलावा निजी एसी कक्ष की फीस भी 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है और सामान्य वार्ड में बिस्तर के लिये 30 की जगह 40 रुपये देने होंगे।
हालांकि राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि शुल्क में वृद्धि से प्राप्त धन का इस्तेमाल अस्पताल के भवन और अन्य बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिये किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के सरकारी अस्पतालों में कोरोना वायरस रोगियों का मुफ्त इलाज किया जाता रहेगा।
इस बीच विपक्षी दलों शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी ने चिकित्सा सेवाओं का शुल्क बढ़ाने के लिये कांग्रेस नीत राज्य सरकार की आलोचना की है।
शिरोमणि अकाली दल ने सरकार पर कोविड-19 के दौरान ''मुनाफा'' कमाने का आरोप लगाया है जबकि ने आप ने सरकार के इस फैसले को जन-विरोधी करार दिया।
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