देश की खबरें | रीजीजू ने रिकार्ड 74 खिलाड़ियों को खेल पुरस्कार देने के सरकार के फैसले का बचाव किया

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एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 29 अगस्त खेल मंत्री किरेन रीजीजू ने शनिवार को सरकार के इस साल रिकार्ड 74 खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल पुरस्कार से सम्मानित करने के फैसले का बचाव किया जिसकी कड़ी आलोचना हो रही है।

खेल मंत्रालय की चयन समिति ने इस साल स्टार क्रिकेटर रोहित शर्मा और पहलवान विनेश फोगाट सहित पांच खिलाड़ियों को खेल रत्न जबकि 27 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिये चुना।

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मंत्रालय ने द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिये 13 और ध्यानचंद पुरस्कारों के लिये 15 कोचों का चयन किया।

रीजीजू ने शनिवार को कहा, ‘‘हमारे खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन बेहतर हुआ है। जब हमारे खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें सराहा और पुरस्कृत किया जाना चाहिए। अगर सरकार उनकी उपलब्धियों को सम्मानित नहीं करती तो इससे भारत की उभरती हुई खेल प्रतिभाओं का उत्साह कम होगा। ’’

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उन्होंने कहा, ‘‘इसलिये पिछले वर्षों की तुलना में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा जिसके कारण पुरस्कार विजेताओं की संख्या भी बढ़ी। ’’

खेल मंत्री ने कहा कि उनके मंत्रालय ने खेल पुरस्कारों पर फैसला नहीं किया क्योंकि विजेताओं का चयन उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वंतत्र समिति ने किया।

रीजीजू ने कहा, ‘‘दूसरा, चयन के लिये उचित प्रक्रिया होनी चाहिए। खेल पुरस्कारों के लिये समिति की अध्यक्षता उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने की और इसमें खेल जगत के मशहूर लोग शामिल थे। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब वे फैसला करते हैं तो इसके लिये गहन विचार विमर्श होता है, चर्चा होती है और कुछ निर्धारित दिशानिर्देश होते हैं जिनके आधार पर वे निर्णय लेते हैं। ’’

रीजीजू ने यह भी कहा कि अगर कोई उम्मीदवार इस साल पुरस्कारों के लिये नहीं चुना गया तो उसे अगले साल सम्मानित किया जायेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘कई मौकों पर निराशायें हो सकती हैं लेकिन खेल पुरस्कार सिर्फ एक साल नहीं दिये जाते। यह चार वर्षों के लगातार प्रदर्शन के आधार पर होता है। इसलिये अगर किसी खिलाड़ी को इसलिये छोड़ दिया जाता है कि उसके ही वर्ग में अन्य दावेदार थे तो उसे अगले साल पुरस्कृत किया जायेगा। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मंत्री पुरस्कारों पर फैसला नहीं करता, मंत्री सिर्फ सरकार की ओर से मंजूरी देता है क्योंकि तकनीकी समिति ही इस पर फैसला करती है। ’’

रीजीजू ने शनिवार सुबह यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की 115वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। इसी दिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

रीजीजू के साथ इस मौके पर अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे और उन्होंने स्टेडियम में खेलो इंडिया ई-पाठशाला को संबोधित करने का भी समय निकाला।

भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा जारी बयान के अनुसार रीजीजू ने कहा, ‘‘आज का दिन हम सभी के लिये बहुत महत्वपूर्ण है, विशेषकर खेल जगत के लिये। मेजर ध्यानचंद के भारत के लिये लगातार तीन स्वर्ण पदक और उनका अनुकरणीय कौशल और दृढ़ संकल्प हर भारतीय को गौरवान्वित करता है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर सरकार खेल पुरस्कार प्रदान करती है और मैं देश को गौरवान्वित करने वाले सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई देना चाहूंगा। ’’

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