जरुरी जानकारी | अप्रैल में कृषि श्रमिकों, ग्रामीण मजदूरों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति घटी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. कृषि श्रमिकों एवं ग्रामीण मजदूरों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति मार्च की तुलना में अप्रैल में नरम पड़ते हुए क्रमशः 6.5 प्रतिशत और 6.52 प्रतिशत पर आ गई।
नयी दिल्ली, 19 मई कृषि श्रमिकों एवं ग्रामीण मजदूरों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति मार्च की तुलना में अप्रैल में नरम पड़ते हुए क्रमशः 6.5 प्रतिशत और 6.52 प्रतिशत पर आ गई।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के श्रम ब्यूरो ने शुक्रवार को जारी एक बयान में कहा, "अप्रैल 2023 में कृषि श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 6.50 प्रतिशत रहा जबकि ग्रामीण मजदूरों के लिए यह 6.52 प्रतिशत रहा। मार्च में यह क्रमशः 7.01 प्रतिशत एवं 6.94 प्रतिशत रही थी।"
एक साल पहले अप्रैल 2022 में कृषि श्रमिकों एवं ग्रामीण मजदूरों के लिए खुदरा मुद्रास्फीति क्रमशः 6.44 प्रतिशत एवं 6.67 प्रतिशत थी।
इसी तरह अप्रैल 2023 में खाद्य मुद्रास्फीति भी कम होकर क्रमशः 6.67 प्रतिशत एवं 6.52 प्रतिशत पर आ गई जबकि मार्च में यह क्रमशः 7.12 प्रतिशत एवं 7.07 प्रतिशत थी। एक साल पहले अप्रैल 2022 में यह आंकड़ा क्रमशः 5.29 प्रतिशत एवं 5.35 प्रतिशत था।
अप्रैल में कृषि श्रमिकों एवं ग्रामीण मजदूरों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक क्रमशः पांच एवं छह अंक बढ़कर 1,180 एवं 1,192 अंक हो गया। मार्च में इनका सूचकांक क्रमशः 1,175 और 1,186 अंक था।
श्रम ब्यूरो ने कहा कि अप्रैल में दाल, दूध, सूखी मिर्च, लहसुन, अदरक, मसाले, चीनी, गुड़, सब्जियों एवं फलों के दाम में बढ़ोतरी देखी गई।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)