जरुरी जानकारी | कई वैश्विक ‘तूफान’ एक साथ आने की वजह से रिजर्व बैंक ने ब्याज दर बढ़ाने का फैसला किया: एमपीसी ब्योरा
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मुंबई, 18 मई वैश्विक स्तर पर कई ‘तूफान’ एक साथ आने से भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने अचानक बैठक कर नीतिगत दर को बढ़ाने का फैसला किया।
एमपीसी की बैठक के ब्योरे को बुधवार को जारी किया गया, जिसमें उक्त बात कही गई।
बैठक के ब्योरे के अनुसार, रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अचानक की जा रही मौद्रिक नीति कार्रवाइयों का मकसद मुद्रास्फीति को कम करना, मध्यम अवधि में अर्थव्यवस्था की वृद्धि संभावनाओं को मजबूत करना और कमजोर वर्गों की क्रय शक्ति की रक्षा करना है।
एमपीसी ने दो मई और चार मई को अपनी बैठक के बाद प्रमुख ब्याज दर (रेपो) में 0.40 प्रतिशत की वृद्धि की थी। यह अगस्त, 2018 के बाद पहली बढ़ोतरी थी।
गवर्नर ने कहा, ‘‘कई तूफान एक साथ आए। हमारी मौद्रिक नीति प्रतिक्रिया को जहाज को स्थिर करने के उपाय के रूप में देखा जाना चाहिए। भारतीय और साथ ही वैश्विक साक्ष्य स्पष्ट रूप से बताते हैं कि उच्च मुद्रास्फीति से बचत, निवेश, प्रतिस्पर्धा और वृद्धि को नुकसान पहुंचता है।’’
रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर और एमपीसी सदस्य माइकल देवव्रत पात्रा ने बैठक में कहा कि इस माहौल में एक संतुलित दृष्टिकोण और एक शांत दिमाग की जरूरत है।
एमपीसी के सभी छह सदस्यों ने रेपो दर को 0.4 प्रतिशत बढ़ाने के पक्ष में अपना मत दिया।
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