देश की खबरें | आईआईटी खड़गपुर के अनुसंधानकर्ताओं ने भूमिगत कुओं से तेल निकालने के लिए कृत्रिम अणु विकसित किये
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कोलकाता, 28 जुलाई भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), खड़गपुर के अनुसंधानकर्ताओं के एक समूह ने बड़े कृत्रिम अणु विकसित किये हैं जो भूमिगत कुओं से तेल या गैस निकालने में मदद कर सकते हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
मुख्य अनुसंधानकर्ता प्रो. संदीप डी कुलकर्णी ने बताया कि ये बड़े कृत्रिम अणु विशेष रूप से घर्षण घटाने वाले पॉलीमर हैं।
उन्होंने कहा कि इनकी विश्व में काफी मांग है लेकिन दुर्भाग्य से भारत इस उत्पाद के लिए वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा नहीं है।
प्रो. कुलकर्णी ने कहा, ‘‘पिछले दशक से वैश्विक तेल और गैस उद्योग भूमिगत कुओं से तेल एवं गैस निकालने के लिए ‘फ्रैकिंग फॉर एक्सट्रैक्टिंग’ जैसी नयी पद्धतियों पर अपनी निर्भरता बढ़ाते जा रहे हैं। ’’
फ्रैकिंग ऐसी प्रक्रिया है जिसमें तरल पदार्थ अत्यधिक दबाव के साथ चट्टान के बोरहोल में प्रवेश कराया जाता है ताकि मौजूदा दरार को जबरन खोला जा सके और तेल या गैस निकाला जा सके।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीम ने एक प्रायोजित परियोजना के तहत एक ऐसी पद्धति और जांच उपकरण स्वदेश में विकसित किया है जिनका उपयोग इन बड़े कृत्रिम अणुओं को बनाने में किया जा सकता है। ’’
उन्होंने कहा कि नतीजतन, ये उत्पाद अंतरराष्ट्रीय तेल एवं गैस उद्योग के लिए पहली बार भारत में किफायती मूल्य पर विनिर्मित किये जा रहे हैं।
आईआईटी खड़गपुर के प्रवक्ता ने कहा कि संस्थान के सहयोगी कार्य से यह उत्पाद 18 टन निर्यात किया गया है जो किसी भारतीय विनिर्माता द्वारा वैश्विक तेल एवं गैस उद्योग को इतने बड़े पैमाने पर पहली बार किया गया निर्यात है।
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