जरुरी जानकारी | रिपोर्ट: उबर ने ‘लॉबिंग’ की, जांच रोकने के लिए ‘स्टेल्थ’ तकनीक का किया इस्तेमाल

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. रिपोर्ट के मुताबिक उबर ने श्रम और टैक्सी कानूनों में ढील पाने के लिए राजनीतिक हस्तियों की लॉबिंग की, नियामकों और कानूनी जांच को विफल करने के लिए स्टेल्थ (तथ्यों को छिपाने वाली) तकनीक का इस्तेमाल किया, बरमुडा और अन्य टैक्स हेवन से धन भेजा तथा अपने ड्राइवरों के साथ हुई हिंसा की घटनाओं का इस्तेमाल जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए किया।

रिपोर्ट के मुताबिक उबर ने श्रम और टैक्सी कानूनों में ढील पाने के लिए राजनीतिक हस्तियों की लॉबिंग की, नियामकों और कानूनी जांच को विफल करने के लिए स्टेल्थ (तथ्यों को छिपाने वाली) तकनीक का इस्तेमाल किया, बरमुडा और अन्य टैक्स हेवन से धन भेजा तथा अपने ड्राइवरों के साथ हुई हिंसा की घटनाओं का इस्तेमाल जनता की सहानुभूति हासिल करने के लिए किया।

खोजी पत्रकारों के एक गैर-लाभकारी नेटवर्क- इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट ने उबर के आंतरिक दस्तावेज, ईमेल, इनवॉइस और अन्य दस्तावेजों की छानबीन की।

इस रिपोर्ट और ऊबर से संबंधित दस्तावेजों को सबसे पहले ब्रिटिश अखबार द गार्जियन में लीक किया गया, जिसने उसे एक समूह के साथ साझा किया।

उबर के प्रवक्ता जिल हेजलबेकर ने अतीत में हुई ‘‘गलतियों’’ को स्वीकार किया और कहा कि 2017 में नियुक्त सीईओ दारा खोस्रोशाही को ‘‘उबर के संचालन से जुड़े हर पहलू को बदलने का काम सौंपा गया था... जब हम कहते हैं कि उबर आज एक अलग कंपनी है, तो हमारा मतलब यह है कि कंपनी के 90 प्रतिशत वर्तमान कर्मचारी दारा के सीईओ बनने के बाद उबर में शामिल हुए हैं।’’

रिपोर्ट के मुताबिक 2009 में स्थापित उबर ने टैक्सी नियमों को दरकिनार करने और राइड-शेयरिंग ऐप के माध्यम से सस्ती परिवहन की पेशकश की। उबर ने लगभग 30 देशों में खुद को स्थापित करने असाधारण रणनीति अपनाई।

कंपनी के लिए लॉबिंग करने वालों में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के पूर्व सहयोगियों सहित कई वरिष्ठ राजनेता शामिल थे। दस्तावेजों के मुताबिक इन्होंने सरकारी अधिकारियों पर जांच को प्रभावित करने, श्रम और टैक्सी कानूनों को बदलने और ड्राइवरों की पृष्ठभूमि की जांच के नियमों में ढील देने के लिए दबाव डाला।

जांच में पाया गया कि उबर ने सरकारी जांच को रोकने के लिए ‘स्टेल्थ’ तकनीक का किया इस्तेमाल। उदाहरण के लिए, कंपनी ने ‘किल स्विच’ का इस्तेमाल किया, जिसने उबर सर्वर तक पहुंच को कम कर दिया। इस तरह कम से कम छह देशों में छापे के दौरान अधिकारियों को सबूत हासिल करने से रोका गया।

उबर फाइल्स ने बताया कि एम्स्टर्डम में एक पुलिस छापे के दौरान उबर के पूर्व सीईओ ट्रैविस कलानिक ने व्यक्तिगत रूप से एक आदेश जारी किया, ‘‘कृपया जल्द से जल्द किल स्विच को हिट करें ... एएमएस (एम्स्टर्डम) में एक्सेस बंद होना चाहिए।’’

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कलानिक ने फ्रांस में उबर ड्राइवरों के खिलाफ हुई हिंसा का इस्तेमाल सहानुभूति पाने के लिए किया। उन्होंने सहयोगियों को संदेश भेजा, ‘‘हिंसा सफलता की गारंटी है।’’

इसके जवाब में कलानिक के प्रवक्ता डेवोन स्पर्जन ने कहा कि पूर्व सीईओ ने ‘‘कभी यह सुझाव नहीं दिया कि उबर को ड्राइवरों की सुरक्षा की कीमत पर हिंसा का लाभ उठाना चाहिए।’’

उबर फाइल्स का कहना है कि कंपनी ने अपने मुनाफे को बरमुडा और अन्य टैक्स हेवन के जरिए भेजकर लाखों डॉलर की कर चोरी भी की।

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