देश की खबरें | वरवर राव की स्वास्थ्य स्थिति पर रिपोर्ट दें: अदालत ने अस्पताल से कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बम्बई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को महानगर स्थित नानावती अस्पताल को जेल में बंद कवि एवं सामाजिक कार्यकर्ता वरवर राव की स्वास्थ्य स्थिति पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

मुंबई, 28 जुलाई बम्बई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को महानगर स्थित नानावती अस्पताल को जेल में बंद कवि एवं सामाजिक कार्यकर्ता वरवर राव की स्वास्थ्य स्थिति पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति आर डी धानुका के नेतृत्व वाली पीठ ने अस्पताल अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया कि वह इसको लेकर विवरण प्रस्तुत करें कि राव को किस तरह की ‘‘चिकित्सा एवं उपचार’’ मुहैया कराया जा रहा है। एल्गार परिषद-कोरेगांव भीमा मामले के आरोपी राव गत 16 जुलाई को कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गए थे और नानावती अस्पताल में भर्ती हैं।

यह भी पढ़े | कल्याण स्टेशन पर चलती ट्रेन में उतरने के चक्कर में गिरा बच्चे के साथ यात्री, सतर्क आरपीएफ जवान ने बचाई जान: देखें VIDEO.

अदालत ने अस्पताल प्राधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अदालत के आदेश संबंधी पत्र प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर राव के स्वास्थ्य और उपचार के बारे में रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

अदालत ने कहा कि अस्पताल की रिपोर्ट को देखने के बाद वह राव के परिवार की उस याचिका पर फैसला करेगी जिसमें इस तरह की रिपोर्ट की एक प्रति के लिए अनुरोध किया गया है।

यह भी पढ़े | पीएम मोदी और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ 30 जुलाई को नई सुप्रीम कोर्ट बिल्डिंग का करेंगे शिलान्यास: 28 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

अस्पताल के रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद अदालत राव की जमानत याचिका पर दलीलें भी सुनेगी।

यह निर्देश एल्गार परिषद मामले में अभियोजक राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और महाराष्ट्र सरकार द्वारा यह कहने के बाद आया कि उन्हें राव के परिवार को उनसे मिलने की अनुमति दिये जाने या उनके परिवार को उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बताये जाने पर कोई आपत्ति नहीं है, हालांकि यह अस्पताल के प्रोटोकॉल पर आधारित है।

इस महीने की शुरुआत में, न्यायमूर्ति एस एस शिंदे के नेतृत्व वाली पीठ ने एनआईए और राज्य को निर्देश दिया था कि वह स्पष्ट करे कि क्या राव के परिवार को उन्हें दूर से या वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देखने की अनुमति दी जा सकती है ।

यह निर्देश तब दिया गया था जब राव के अधिवक्ताओं सुदीप पासबोला और आर सत्यनारायण ने अदालत से कहा था कि राव ‘‘लगभग मृत्यु शैया’’ पर हैं और यदि 81 वर्षीय कवि को मरना है तो उन्हें अपने परिवार की मौजूदगी में मरने की अनुमति दी जाए।

मंगलवार को एनआईए की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने कहा, ''हमें कोई आपत्ति नहीं है अगर उनके परिवार वाले उनसे मिलना चाहते हैं, वे उनसे कब या किस समय मिलना चाहते हैं, या वे उनकी स्वास्थ्य स्थिति जानना चाहते हैं। यह राज्य सरकार पर है कि अब वह इसको लेकर उनकी (राव के परिवार) सहायता करे।"

राज्य के वकील दीपक ठाकरे ने अदालत को बताया कि अस्पताल और जेल अधिकारी कोविड-19 रोगियों से संबंधित किसी भी जानकारी को सार्वजनिक करने पर ‘‘आईसीएमआर दिशानिर्देशों द्वारा लगाए गए अवरोध’’ के कारण राव के बारे में जानकारी साझा करने में संकोच कर रहे होंगे।

अदालत ने हालांकि पूछा कि क्या राव के कोरोना वायरस से संक्रमित पाये जाने को लेकर कोई विवाद है।

जब सभी पक्षों ने कहा कि कोई विवाद नहीं है, तो अदालत ने पूछा, ‘‘फिर उनकी स्थिति और उपचार के बारे में जानकारी साझा करने में क्या समस्या है?"

तब ठाकरे ने कहा कि राज्य को राव के परिवार को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से या उस किसी भी तरीके से यह देखे जाने पर कोई आपत्ति नहीं है जिसके तहत अस्पताल कोविड -19 मरीजों के परिवारों को उनसे मिलने की अनुमति देता है।

अदालत द्वारा मामले पर अगली सुनवायी सात अगस्त को करने की उम्मीद है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\