कोलकाता, 29 मई कोविड-19 लॉकडाउन के जारी रहने का संकेत देते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक जून से धार्मिक स्थलों को खोलने और जून के दूसरे हफ्ते से 70 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ राज्य सरकार के कार्यालयों में कामकाज शुरू करने जैसे कई तरह की छूट देने की शुक्रवार को घोषणा की ।
लॉकडाउन के चौथे चरण के दो दिन पहले की गयी घोषणा का मकसद प्रमुख संस्थानों में रोजाना के कामकाज को सामान्य बनाने का है।
हालांकि, राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण विपक्षी भाजपा और माकपा ने आलोचना करते हुए फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
बनर्जी ने शाम में बयान में कहा कि राज्य सरकार के कार्यालय 70 प्रतिशत उपस्थिति के साथ काम करेंगे जबकि निजी क्षेत्र को कामकाज पर खुद फैसला लेना होगा ।
यह भी पढ़े | उत्तर प्रदेश में कुदरत का करिश्मा, जिंदा दफन किए जाने के बाद भी नवजात शिशु की बची जान.
इससे पहले बनर्जी ने आठ जून से निजी और सरकारी कार्यालयों को पूरी उपस्थिति के साथ खोलने की घोषणा की थी।
अपने फेसबुक पेज पर एक बयान में बनर्जी ने कहा कि जरूरी असर के लिए लॉकडाउन जारी रहेगा ।
कर्नाटक के बाद पश्चिम बंगाल ऐसा दूसरा राज्य होगा जो धार्मिक स्थलों के द्वार को खोलने की अनुमति देगा। कर्नाटक ने सोमवार से धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए केंद्र से अनुमति मांगी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY