देश की खबरें | शुभेंदु अधिकारी को राहत, अदालत ने पुलिस को स्वत: संज्ञान लेकर दर्ज प्राथमिकी में आगे बढ़ने से रोका

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश में पश्चिम बंगाल पुलिस को स्वत: संज्ञान के आधार पर दर्ज की गई प्राथमिकी पर आगे बढ़ने से रोक दिया। इसी प्राथमिकी के सिलसिले में पुलिस ने उस मकान में छापेमारी की थी जिसमें विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपना कार्यालय और आवास होने का दावा किया था।

कोलकाता, 24 मई कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक अंतरिम आदेश में पश्चिम बंगाल पुलिस को स्वत: संज्ञान के आधार पर दर्ज की गई प्राथमिकी पर आगे बढ़ने से रोक दिया। इसी प्राथमिकी के सिलसिले में पुलिस ने उस मकान में छापेमारी की थी जिसमें विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने अपना कार्यालय और आवास होने का दावा किया था।

पुलिस 22 मई को पूर्व मेदिनीपुर जिले के कोलाघाट में एक मकान पर छापा मारने गई थी, जिसे अधिकारी के वकील ने उनका कार्यालय और आवास बताया था। अदालत ने कहा कि मामला बहुत प्रारंभिक चरण में है और लोकसभा चुनाव का छठा चरण शनिवार को होना है। अदालत ने पुलिस को प्राथमिकी पर 17 जून तक आगे बढ़ने से रोक दिया।

अदालत ने निर्देश दिया कि मामला 10 जून को फिर से सुनवाई के लिए सूची में आएगा।

न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की पीठ ने राज्य को चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के उद्देश्य से कोई भी कदम उठाने की जरूरत उत्पन्न होने पर अदालत का रुख करने की स्वतंत्रता दी।

अधिकारी ने पुलिस छापेमारी को अवैध बताते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था और दावा किया था कि उनके मौलिक अधिकार का हनन किया गया है। उन्होंने कहा था कि छापेमारी से पहले पुलिस को नोटिस देना चाहिए था। उन्होंने मामले में कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगाने और चुनाव परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह बाद तक पुलिस को इस तरह की छापेमारी करने से रोकने का अनुरोध किया था।

पश्चिम बंगाल सरकार ने अनुरोध का विरोध करते हुए दावा किया कि अधिकारी के पास याचिका दायर करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि वह उस सम्पत्ति के मालिक नहीं हैं जहां छापा मारा गया और न ही उस संपत्ति से किसी भी तरह से जुड़े हैं।

राज्य सरकार के वकील ने कहा कि संपत्ति के लिए समझौता मालिक और सुरजीत दास नामक व्यक्ति के बीच है। राज्य के वकील ने दावा किया कि पुलिस को इस बात की जानकारी नहीं थी कि अधिकारी उक्त संपत्ति में रह रहे हैं। राज्य के वकील ने कहा कि कुछ सूचनाओं के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्वत: संज्ञान लेकर एक प्राथमिकी दर्ज की, जिसमें कहा गया कि छापा मारा गया और कोई आपत्तिजनक चीज बरामद नहीं हुई।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\