जरुरी जानकारी | अदालत से रेकिट बेंकाइजर को राहत, 63 लाख रुपये जमा करने के एनएए का आदेश स्थगित
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण (एनएए) के उस आदेश को स्थगित कर दिया जिसमें फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रेकिट बेंकाइजर से उपभोक्ता कल्याण कोष में 63 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया था।
नयी दिल्ली, 20 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को राष्ट्रीय मुनाफाखोरी रोधी प्राधिकरण (एनएए) के उस आदेश को स्थगित कर दिया जिसमें फार्मा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रेकिट बेंकाइजर से उपभोक्ता कल्याण कोष में 63 लाख रुपये जमा करने के लिए कहा गया था।
एनएए ने डेटॉल हैंडवॉश की 2017 से 2019 के बीच बिक्री के दौरान कथित रूप से की गई मुनाफाखोरी के लिए यह राशि जमा करने का आदेश दिया था।
न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडला ने यह स्पष्ट किया कि यह रोक तभी प्रभावी होगी, जबकि फार्मा कंपनी उक्त राशि एनएए के पास दो सप्ताह के भीतर जमा करा देगी।
इससे पहले एनएए ने 19 मार्च, 2020 के आदेश में यह राशि जमा करने के लिए कहा था और साथ ही रेकिट बेंकाइजर से पूछा था कि केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उस पर जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाए।
यह भी पढ़े | बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से 10 लोगों की मौत, सीएम नीतीश कुमार ने जताया शोक.
अदालत ने कहा कि एनएए की कारण बताओ नोटिस पर कार्रवाई जारी रह सकती है, लेकिन फार्मा कंपनी पर जुर्माना लगाने वाले किसी भी अंतिम आदेश को इस याचिका की सुनवाई तक प्रभावी न माना जाए।
अदालत ने वित्त मंत्रालय, एनएए और मुनाफाखोरीरोधी महानिदेशालय (डीजीएपी) को भी नोटिस जारी किया, जिसका प्रतिनिधित्व केंद्र सरकार के स्थायी वकील रवि प्रकाश और अधिवक्ता फरमान अली मागरे ने किया। उन्होंने याचिका पर अपना पक्ष रखने के लिए 24 अगस्त तक का समय मांगा।
डीजीएपी ने अपनी जांच में पाया था कि रेकिट बेंकाइजर ने नवंबर 2017 से मार्च 2019 के बीच 63,14,901 रुपये की मुनाफाखोरी की और डेटॉल हैंडवॉश पर जीएसटी कटौती का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दिया।
रेकिट बेंकाइजर ने अपनी याचिका में कहा कि उसने मात्रा में बढ़ोतरी करके जीएसटी लाभ दिया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)