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जरुरी जानकारी | रिलायंस-बीपी ने केजी-डी6 से 75 लाख घन मीटर गैस के लिये बोलियां आमंत्रित की

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जरुरी जानकारी | रिलायंस-बीपी ने केजी-डी6 से 75 लाख घन मीटर गैस के लिये बोलियां आमंत्रित की

नयी दिल्ली, 30 दिसंबर रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसकी भागीदार ब्रिटेन की बीपी पीएलसी ने बुधवार को केजी-डी6 ब्लॉक में दूसरे दौर की खोज से निकलने वाली गैस के लिये खरीदारों से बोलियां आमंत्रित की हैं। इस क्षेत्र से उत्पादित गैस के लिये कीमत निर्धारण पहली बार अंतरराष्ट्रीय गैस मानक के समक्ष होगा।

बोली आमंत्रित करने के लिये जारी नोटिस के अनुसार रिलायंस-बीपी ने नवंबर 2019 में केजी-डी6 ब्लॉक में आर-श्रृंखला के फील्ड से पहली 50 लाख घन मीटर प्रतिदिन गैस की बिक्री की थी। अब दोनों ने 75 लाख घन मीटर प्रतिदिन अतिरिक्त गैस के लिये बोलियां आमंत्रित की है। यह गैस अगले साल फरवरी से उपलब्ध होगी।

उन्होंने पहले 50 लाख घन मीटर प्रतिदिन गैस के लिये ब्रेंट क्रूड तेल भाव से कीमत का निर्धारण किया था। लेकिन अब वे जेकेएम यानी जापान/कोरिया तरलीकृत प्राकृतिक गैस आयात मूल्य के अनुरूप मूल्य की मांग कर रहे हैं।

जेकेएम नवंबर में औसतन 6.20 डॉलर प्रति 10 लाख ब्रिटिश थर्मल यूनिट था। आधार या ‘कट ऑफ’ मूल्य पर इसकी लागत 5.9 डॉलर प्रति 10 लाख यूनिट बैठेगी।

यह पहले ब्रेंट क्रूड तेल मानक के आधार पर बेची गयी 50 लाख यूनिट गैस के लिये 4.2 डॉलर से 4.4 डॉलर प्रति यूनिट की दर के मुकाबले अधिक है। ब्रेंट क्रूड का भाव वर्तमान में 50 से 51 डालर प्रति बैरल के दायरे में है।

उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार यह पहली बार है जब देश में उत्पादित गैस अंतरराष्ट्रीय गैस मानक से जुड़ी दर (जेकेएम) पर बेची जा रही है।

साथ ही यह अक्टूबर 2020 में सरकार के निर्णय के बाद से पहली बार अलग से गैस मूल्य तय करने की पहल होगी। सरकार ने अपने निर्णय में बाजार कीमत तय करने के लिये एक समान ई-बोली नियम तय करने का फैसला किया था।

सरकार ने परिचालकों को कीमत तय करने को लेकर स्वतंत्रता दी है लेकिन यह दर उस निर्धारित सीमा पर निर्भर करेगी जो सरकार हर छह महीने पर अधिसूचित करती है। छह महीने यानी 31 मार्च, 2021 तक के लिये यह सीमा 4.06 डॉलर प्रति इकाई है।

इसके अनुसार, रिलायंस-बीपी को पहली 50 लाख घन मीटर प्रतिदिन गैस के लिये यह मूल्य मिलेगा। दोनों कंपनियों ने इस गैस का उत्पादन इस महीने की शुरूआत में शुरू किया।

एस्सार स्टील, अडाणी ग्रुप और सार्वजनिक क्षेत्र की गेल ने नवंबर 2019 में केजी-डी6 ब्लॉक में आर-श्रृंखला से योजना के अनुसार उत्पादित होने वाली शुरूआती 50 लाख घन मीटर प्रतिदिन गैस में से अधिकतर हिस्से की खरीद की। इन कंपनियों ने दिनांकित (डेटेड) ब्रेंट भाव

का 8.5 और 8.6 प्रतिशत के बीच बोलियां लगायी।

इसके लिये दिनांकित ब्रेंट कीमत का न्यूनतम 8.4 प्रतिशत भाव तय किया गया था। यानी बोलीदाताओं को गैस प्राप्त करने के लिये 8.4 प्रतिशत या उससे अधिक की बोली लगानी थी। दिनांकित ब्रेंट का मतलब है कि अनुबंध माह के ठीक तीन महीने पहले के प्रकाशित ब्रेंट भाव का औसत मूल्य।

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 30, 2020 09:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).