जरुरी जानकारी | टैगलाइन मामले में पेप्सी के खिलाफ रेडबुल की याचिका खारिज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली कंपनी रेडबुल की तरफ से पेप्सी के खिलाफ दायर की गई अर्जी खारिज कर दी है। रेड बुल ने अपने एनर्जी ड्रिंक स्टिंग की टैगलाइन का इस्तेमाल पेप्सी पर करने का आरोप लगाते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी।
नयी दिल्ली, नौ अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली कंपनी रेडबुल की तरफ से पेप्सी के खिलाफ दायर की गई अर्जी खारिज कर दी है। रेड बुल ने अपने एनर्जी ड्रिंक स्टिंग की टैगलाइन का इस्तेमाल पेप्सी पर करने का आरोप लगाते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की थी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि रेडबुल अपने आरोप को प्रथम दृष्टया साबित करने में नाकाम रही है और यह मामला पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में लगता है।
रेड बुल ने पेप्सिको के खिलाफ 'स्टिमुलेट्स माइंड, एनर्जाइज़ बॉडी' टैगलाइन का उपयोग करने पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी। उसने दावा किया था कि यह टैगलाइन उसकी पंजीकृत 'वाइटलाइज़ बॉडी एंड माइंड' टैगलाइन से भ्रामक रूप से मिलती है।
न्यायमूर्ति अमित बंसल ने अपने फैसले में कहा, "शिकायतकर्ता एवं अभियोगी द्वारा इस्तेमाल की जा रहीं टैगलाइन विवरणात्मक एवं प्रशंसनीय प्रकृति की हैं। यह सुनवाई के दौरान ही पता चल पाएगा कि याची की टैगलाइन को खास या कोई दूसरा मतलब देने की कोशिश की गई है।"
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में रेड बुल ने उच्च न्यायालय में ट्रेडमार्क उल्लंघन का मुकदमा दायर किया था। यह मामला उसकी एनर्जी ड्रिंक उत्पाद स्टिंग की टैगलाइन 'स्टिमुलेट्स माइंड, एनर्जाइज़ बॉडी' का कथित रूप से पेप्सी द्वारा इस्तेमाल करने से संबंधित था।
जतिन प्रेम
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