रीयल एस्टेट कंपनियों ने सीमेंट, इस्पात बाजार में साठगांठ से कीमतें ऊंचा करने की शिकायत की

   एसोसिएशन ने आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। क्रेडाई ने पत्र में कहा, ‘‘हम सीमेंट और इस्पात निर्माताओं द्वारा अपने विक्रय मूल्य में अचानक बढ़ोतरी करने की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।’’

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नयी दिल्ली, नौ मई रियल्टी कंपनियों के निकाय क्रेडाई ने शनिवार को कहा कि देश में लॉकडाऊन होने के बावजूद पिछले कुछ हफ्तों में सीमेंट और स्टील की दरों में 40-50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने इन वस्तुओं के विनिर्माताओं के द्वारा मूल्य कार्टेलिज़ेशन करने (मिलजुल कर कीमत अधिक करना) और व्यापार में अनुचित व्यवहार अपनाये जाने का आरोप भी लगाया है।

   एसोसिएशन ने आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। क्रेडाई ने पत्र में कहा, ‘‘हम सीमेंट और इस्पात निर्माताओं द्वारा अपने विक्रय मूल्य में अचानक बढ़ोतरी करने की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं।’’

इसने कहा है कि विभिन्न राज्यों में, प्रति बैग सीमेंट पर 100-250 रुपये और प्रति टन इस्पात पर 2,000-2,500 रुपये की वृद्धि हुई है।

पिछले कुछ हफ्तों के दौरान, राष्ट्रव्यापी लॉकडाऊन के बावजूद सीमेंट और स्टील जैसे आवश्यक कच्चे माल की कीमतों में 40-50 प्रतिशत की अचानक वृद्धि हुई है।

केंद्र ने उन साइटों पर निर्माण कार्य करने की अनुमति दी है जहां मजदूर पहले से ही उपलब्ध हैं। एसोसिएशन ने सुचारू निर्माण कार्यों के लिए इस मूल्य वृद्धि को नियंत्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

क्रेडाई ने आवास मंत्री से आग्रह किया, ‘‘अगर सीमेंट, इस्पात, और अन्य कच्चे माल के मूल्य वृद्धि के मुद्दे को आप जल्द से जल्द संबंधित मंत्रालयों के समक्ष उठा सकते हैं, तो हम आपके आभारी होंगे।’’

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