जरुरी जानकारी | सीमा शुल्क दरों को युक्तिसंगत करने से सरकार को होगा 10,000-15,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पिछले कुछ दिनों में इस्पात, लौह और प्लास्टिक उत्पादों पर सीमा शुल्क में बदलावों की वजह से सरकार को राजस्व में 10,000-15,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
नयी दिल्ली, 30 मई पिछले कुछ दिनों में इस्पात, लौह और प्लास्टिक उत्पादों पर सीमा शुल्क में बदलावों की वजह से सरकार को राजस्व में 10,000-15,000 करोड़ रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को कहा कि सीमा शुल्क की दरों में किए गए बदलाव से करीब 10,000 करोड़ रुपये से लेकर 15,000 करोड़ रुपये तक के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
सरकार ने गत 22 मई को इस्पात उत्पादन में कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल होने वाले कोकिंग कोल एवं फेरोनिकल के आयात पर लगने वाले शुल्क को खत्म करने की घोषणा की थी। घरेलू स्तर पर इस्पात उत्पादन की लागत कम करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है।
इसके अलावा लौह अयस्क पर निर्यात शुल्क में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी भी की गई है। साथ ही इस्पात उत्पादन में शामिल कुछ अन्य सामग्रियों पर भी सीमा शुल्क 15 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है।
इसी तरह प्लास्टिक उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल के आयात पर भी सीमा शुल्क को घटा दिया गया है।
सरकार ने घरेलू बाजार में इस्पात एवं प्लास्टिक उत्पादों की उपलब्धता बढ़ाने और दाम में कमी लाने के मकसद से ये कदम उठाए हैं। लेकिन इससे सरकार को राजस्व के मोर्चे पर नुकसान उठाना पड़ेगा।
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