देश की खबरें | आरएटी से मकसद हल नहीं हो रहा, आरटीपीसीआर जांच बढ़ाने की जरूरत: अदालत ने दिल्ली सरकार ने कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले जिस दर से बढ़ रहे हैं, दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए था कि रैपिड एंटीजन (आरएटी) जांच से मकसद हल नहीं हो रहा है और आरटीपीसीआर जांच बढ़ाई जानी चाहिए।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली , 19 नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले जिस दर से बढ़ रहे हैं, दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार को इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए था कि रैपिड एंटीजन (आरएटी) जांच से मकसद हल नहीं हो रहा है और आरटीपीसीआर जांच बढ़ाई जानी चाहिए।

न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने यह टिप्पणी इस तथ्य पर गौर करने के बाद की कि नौ नवंबर से ले कर 17नवंबर के बीच कि गई कुल जांचो में से आरएटी जांच संख्या 2.98 लाख से अधिक थी वहीं आरटीपीसीआर और मिलती जुलती पद्धितियों से की गई जांच की संख्या 1.53 लाख के करीब थी।

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उच्च न्यायालय ने कहा कि इस अवधि में प्रतिदिन आरटीपीसीआर जांच ज्यादातर 20,000 से कम थी वहीं प्रतिदिन 40,000 आरएटी जांच हुईं।

पीठ ने कहा,‘‘ यह दिखाता है कि आरटीपीसीआर जांच बढाने की जरूरत है।’’

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सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील संदीप सेठी और अतिरिक्त स्थाई वकील सत्यकाम ने अदालत को बताया कि एक नयी जांच किट- फेलुदा-पर जांच के विकल्प के तौर पर विचार किया जा रहा है,जो कि आरएटी से कहीं सटीक और कम समय में परिणाम देती है।

उन्होंने अदालत को बताया कि यह किट अभी लॉन्च नहीं हुई है।

अदालत अधिवक्ता राकेश मल्होत्रा की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

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