देश की खबरें | आईआईएम कलकत्ता के छात्रावास में युवती से दुष्कर्म: कांग्रेस और माकपा ने सुरक्षा पर उठाया सवाल

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कोलकाता, 12 जुलाई विपक्षी कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को कहा कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), कलकत्ता के परिसर में एक महिला के साथ कथित दुष्कर्म की घटना पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और एक केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान में सुरक्षा में चूक को दर्शाती है, जहां अपराधी महिलाओं पर क्रूरता करने से नहीं डरते।

मनोवैज्ञानिक बताई जा रही एक महिला के साथ एक छात्र ने कथित तौर पर उस वक्त दुष्कर्म किया, जब वह शुक्रवार को छात्र से मिलने और परामर्श सत्र में भाग लेने इस संस्थान के छात्रावास में गई थी।

एक अधिकारी ने बताया कि महिला द्वारा हरिदेवपुर पुलिस थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कांग्रेस के लगभग 100 सदस्यों ने आईआईएम, कलकत्ता परिसर के गेट के सामने निदेशक से मुलाकात की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

कांग्रेस नेता आशुतोष चटर्जी ने कहा, ‘‘सुरक्षा गार्ड हमें परिसर में प्रवेश करने से रोक रहे हैं, लेकिन यदि एक प्रमुख संस्थान के लड़कों के छात्रावास के अंदर की घटना सच है, तो महिलाओं के लिए यह सुरक्षा कहां थी? साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ उसके ही कॉलेज के वरिष्ठों और पूर्व छात्रों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद, अब एक केंद्रीय शैक्षणिक संस्थान से एक और आरोप सामने आया है। यह हमारे लिए शर्म की बात है।’’

उन्होंने कहा कि आईआईएम (कलकत्ता) एक प्रमुख शैक्षणिक संस्थान है और यदि घटना की पुष्टि हो जाती है तो केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह भयावह है और एक ओर तृणमूल कांग्रेस के शासन में ‘‘बढ़ती अराजकता’’ को दर्शाते हैं, तो दूसरी ओर एक प्रमुख केंद्रीय संस्थान के परिसर में सुरक्षा में स्पष्ट ‘‘खामियों’’ को भी।

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुकांत मजूमदार ने संवाददाताओं से कहा कि आईआईएम (कलकत्ता) परिसर में कड़ी सुरक्षा है और वह कथित घटना के बारे में निदेशक से बात करेंगे।

मजूमदार ने कहा कि राज्य पुलिस को कथित घटना की निष्पक्ष और उचित जांच करनी चाहिए।

राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि किसी भी पार्टी को इस घटना का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए, क्योंकि इस समय यह कहना जल्दबाजी होगी कि वास्तव में क्या हुआ था और पुलिस को अपना काम (जांच) करने दिया जाना चाहिए।

महिला की शिकायत को तृणमूल से जोड़ने की कोशिशों पर नाराजगी जताते हुए तृणमूल के राज्य महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ‘‘उनकी पार्टी को हर शिकायत, हर कथित अपराध से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘क्या उसने शिकायत दर्ज कराने से पहले हमें बताया था? बिल्कुल नहीं। अब उसके पिता मीडिया से कुछ और ही कह रहे हैं। क्या उन्होंने हमसे पूछा था? हमें जांच पूरी होने का इंतज़ार करना चाहिए। आईआईएम (कलकत्ता) एक अग्रणी संस्थान है जो केंद्र के अधीन है। उनके पास एक सुरक्षा व्यवस्था है। हमें ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे जांच में बाधा आए। सच्चाई सामने आने दीजिए।’’

घोष ने कहा, ‘‘महिला ने प्राथमिकी में कहा है कि उसे काउंसलिंग के लिए छात्रावास में बुलाया गया था। छात्रावास में नशीला पदार्थ मिला पेय पीने के बाद वह बेहोश हो गई। होश में आने के बाद महिला को एहसास हुआ कि उसके साथ बलात्कार हुआ है।’’

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