विदेश की खबरें | कोविड-19 के प्रतिबंधों में ढ़ील के बाद सिंगापुर के त्योहारों में प्रदर्शित हुईं रंगोली

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. सिंगापुर में कोविड-19 के प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के साथ ही शहर में सार्वजनिक कार्यक्रमों में तेजी आ रही है, जिसमें रंगोली बनाने की प्रतियोगिता जैसे कईं कार्यक्रम शामिल हैं।

सिंगापुर, 15 मई सिंगापुर में कोविड-19 के प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के साथ ही शहर में सार्वजनिक कार्यक्रमों में तेजी आ रही है, जिसमें रंगोली बनाने की प्रतियोगिता जैसे कईं कार्यक्रम शामिल हैं।

इंडियन एक्टिविटी एक्ज़क्यूटिव कमेटी (आईएईसी) की अध्यक्ष सितारा दोरईस्वामी ने कहा कि मध्य अप्रैल से मध्य मई तक सार्वजनिक रूप से आयोजित होने वाले भारतीय त्योहारों के बीच दो रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन नी सून साउथ में आईएईसी द्वारा बहु-नस्लीय समुदाय के विभिन्न जातीय समूहों को एक साथ लाने के लिए किया जा रहा है। सितारा ने कहा कि कोविड प्रतिबंधों के बाद सिंगापुर के मजबूत और अद्वितीय बहु-संस्कृतिवाद और बहु-नस्लीयवाद को प्रदर्शित करने के लिए पड़ोसी एक साथ आए।

नी सून क्षेत्र में जमीनी स्तर के संगठनों की सांसद और सलाहकार कैरी टैन ने शनिवार को कहा, "विभिन्न जातियों के लोगों के बीच साझा अनुभवों की सकारात्मक यादें बनाना बहुत महत्वपूर्ण है।"

उन्होंने कहा, "जब हम एक समान उद्देश्य साझा करते हैं, जैसे कि एक कला परियोजना को पूरा करना, जिस पर सभी को गर्व हो सकता है, तो यह सकारात्मक बंधन बनाने में मदद करता है, जिसे हम तनाव और संघर्ष के समय गलतफहमी को दूर करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।''

वर्ष 2007 में भारत में कडपा की स्वैच्छिक यात्रा के बाद यहां महिलाओं के गैर-लाभकारी प्रयास 'डॉटर्स ऑफ टुमॉरो' की शुरुआत करने वाली टैन ने कहा, ‘‘सभी जातियों और चार साल से लेकर 80 साल तक की उम्र के 100 से अधिक निवासियों ने एक साथ रंगोली स्पंज पेंटिंग के लिए सिंगापुर बुक ऑफ रिकॉर्ड्स (एसबीओआर) में भाग लिया।"

टैन ने कहा, "यह एक समावेशी सामुदायिक कार्यक्रम था, व्हीलचेयर पर रहने वाले लेकिन कला के प्रति उत्सुक लोगों ने रंगोली स्पंज पेंटिंग में अपनी कलात्मकता को पेश किया।"

सितारा ने बताया कि रंगोली के साथ शुरू होने वाले हर उत्सव का एक भारतीय मूल का सांस्कृतिक घटक ‘रंगोली चॉप्स’ शनिवार को एसबीओआर के लिए दस हजार चॉपस्टिक से बनाया गया था, जिसका उपयोग चीनी अपने भोजन के लिए करते हैं।

सितारा ने कहा कि बाघ की छवि बाघ के वर्ष का प्रतिनिधित्व करती है, चीनी कांटा हमारे चीनी मित्रों की संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता है, और रंगोली रूपांकन भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। सितारा ने कहा कि बाघ सिंगापुर की बहुजातीयता और बहुसंस्कृतिवाद का सच्चा प्रदर्शन है।

सिंगापुर के आने वाले 57वें राष्ट्रीय दिवस को दर्शाने के लिए 57 बोर्ड पर रंगोली के डिजाइन तैयार किए गए थे।

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