कोटा, 18 जुलाई राजस्थान पुलिस ने 2005 में बूंदी में एक पेट्रोल पंप पर हुई लूटपाट के मामले में 18 साल से फरार आरोपी को हरियाणा के झज्जर जिले से गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि आरोपी की असल पहचान का पता लगाने के लिए पुलिस कर्मियों को गोदाम श्रमिक और कांवड़ यात्रियों को भेष धारण करना पड़ा, क्योंकि वह हरियाणा के गांव में फर्जी नाम से रह रहा था और एक भोजनालय का संचालन कर रहा था।
पुलिस ने बताया कि हरियाणा के फिरोजाबाद निवासी आरोपी चिन्नी उर्फ कुलविंदर सिंह (41) ने जनवरी 2005 में चार-पांच अन्य साथियों के साथ बूंदी के सदर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले एक पेट्रोल पंप से कथित तौर पर 34,000 रुपये लूटे थे।
पुलिस ने अन्य सभी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन सिंह 18 साल तक फरार रहा।
पुलिस ने बताया कि करीब छह महीने पहले पुलिस ने सिंह का पता लगाने की कोशिश शुरू की थी। तकनीकी जानकारी और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने उसकी बहन का पता लगाया और पुलिस कर्मी ने खुद को गोदाम मजदूर बताकर सिंह का फोन नंबर हासिल कर लिया।
पुलिस ने कहा कि टीम ने पता लगा लिया कि सिंह हरियाणा के झज्जर जिले के लोहारी गांव में है, जहां वह सड़क किनारे भोजनालय का संचालन करता है। पुलिस ने कहा कि सिंह ने अपना नाम बदल लिया था और किसी और के नाम से सिम कार्ड ले रखा था।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को, कुछ पुलिसकर्मी कांवड़ यात्री के रूप में उसके पास पहुंचे और उसकी पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश करने के लिए उससे बात करने लगे। एक बार जब उसकी पहचान सत्यापित हो गई, तो उसे बूंदी वापस लाया गया।
बूंदी के पुलिस अधीक्षक जय यादव ने कहा कि उसे सोमवार को बूंदी में गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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