जरुरी जानकारी | आर्थिक वृद्धि दर में दूसरे स्थान पर है राजस्थान : गहलोत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि दर में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है और बीते चार साल में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में छह लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।

जयपुर, तीन अगस्त मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि दर में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है और बीते चार साल में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में छह लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।

गहलोत 'नेशनल हैंडलूम वीक-2023' के उद्घाटन समारोह को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी तथा विषम आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राज्य की आर्थिक वृद्धि दर 11.04 प्रतिशत के साथ देश में दूसरे स्थान पर है।

उन्होंने कहा कि पिछले चार साल में राज्य के जीडीपी में छह लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। राज्य सरकार के उत्कृष्ट आर्थिक प्रबंधन का ही परिणाम है कि राज्य की कुल जीडीपी जल्द 15 लाख करोड़ रुपये होगा।

गहलोत ने कहा कि राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में रीको औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर सृजित होंगे। राज्य सरकार द्वारा ईवी, सौर, पवन, हाइब्रिड ऊर्जा, एग्रो बिजनेस, पर्यटन, इको टूरिज्म, ग्रामीण पयर्टन सहित विभिन्न नीतियों का क्रियान्वयन किया जा रहा है। औद्योगिक संस्थानों की सुरक्षा के लिए राजस्थान औद्योगिक सुरक्षा बल (आरआईएसएफ) का गठन भी किया गया है।

एक सरकारी बयान के अनुसार, गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार हथकरघा कारीगरों की आमदनी बढ़ाने तथा उनके उत्थान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के उत्पादों और उनसे जुड़े दस्तकारों के उत्थान के लिए राजस्थान की पहली हस्तशिल्प नीति-2022 जारी की गई है। इस नीति से राज्य में हैंडलूम क्षेत्र में लगभग 50 हजार रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार साल में औद्योगिक विकास, अधिक निवेश और रोजगार व स्वरोजगार के लिए बेहतरीन काम किया है।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि बुनकरों की आबादी में लगभग 85 प्रतिशत अनुसूचित जाति और अल्पसंख्यक के लोगों की है। इनके उत्थान के लिए सरकार का उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, राजस्थान हथकरघा विकास निगम, बुनकर संघ, खादी बोर्ड आदि के माध्यम से कई योजनाएं और कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\