देश की खबरें | राजस्थान उच्च न्यायालय ने जगदीप धनखड़ के माध्यम से 34 साल पहले दायर की गई अपील का निपटारा किया

जयपुर, 19 सितंबर राजस्थान उच्च न्यायालय ने 34 साल पहले गैर इरादतन हत्या के एक मामले में तत्कालीन वकील और अब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के माध्यम से दायर अपील का निपटारा कर दिया है।

न्यायाधीश महेंद्र गोयल की एकल पीठ ने 1989 के मामले में दोषी गुरुदयाल सिंह की सजा कम कर दी।

अलवर में एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने 1989 में गैर इरादतन हत्या के लिए गुरुदयाल को चार साल कैद की सजा सुनाई थी और 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। गुरुदयाल पर आरोप था कि उसने राजेंद्र सिंह को चाकू मारा जिनकी बाद में मौत हो गई और अलवर की अदालत ने आरोपी पर हत्या के आरोप में मुकदमा चलाया।

अपीलकर्ता गुरुदयाल सिंह की वकील भावना चौधरी ने कहा कि बाद में, गुरुदयाल ने वकील जगदीप धनखड़ के माध्यम से इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की। गुरुदयाल ने दो महीने जेल में बिताए और फिर उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। इसके बाद उच्च न्यायालय ने उसकी सजा निलंबित कर दी।

चौधरी के अनुसार, अदालत को बताया गया कि घटना 35 साल पुरानी है और अपीलकर्ता अब 83 साल का हो चुका है, ऐसे में उसकी सजा को घटाकर पहले ही काटी गई सजा तक कर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति महेंद्र गोयल की एकल पीठ ने अपील को स्वीकार करते 31 अगस्त, 2023 को मामले का निपटान कर दिया। आदेश की प्रति सोमवार को प्रदान की गई।

अपीलकर्ता की वकील ने कहा कि उच्च न्यायालय ने दोषी को दी गई सजा को घटाकर उस जेल अवधि तक कर दिया जो वह पहले ही जेल में काट चुका है।

हालांकि, अपीलकर्ता को दो महीने की अवधि के भीतर जुर्माना जमा करना होगा। इस मामले में छह मार्च 1988 को अलवर जिले के किशनगढ़ बास थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।

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