नयी दिल्ली, 17 अक्टूबर रेलवे ने कथित वित्तीय कदाचार और पद के दुरुपयोग को लेकर अपने सार्वजनिक उपक्रम भारतीय रेलवे वित्त निगम (आईएफआरसी) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अमिताभ बनर्जी को हटा दिया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के आरोपों पर राष्ट्रीय उच्च गति रेल निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सतीश अग्निहोत्री को बर्खास्त करने के कुछ दिनों बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।
सूत्रों ने बताया कि बनर्जी को अक्टूबर 2020 में रेलवे द्वारा कथित तौर पर इस बात पर ध्यान दिये बिना सतर्कता मंजूरी दी गई थी कि केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने तब तक एक अन्य उस पीएसयू में वित्तीय गड़बड़ी के एक मामले के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में उनका नाम लिया था, जहां वह पहले कार्यरत थे।
भारतीय रेलवे लेखा सेवा (आईआरएएस) के अधिकारी बनर्जी के खिलाफ कंपनी के गेस्ट हाउस का इस्तेमाल अपने घर के रूप में करने, परिवार के सदस्यों के व्यक्तिगत चिकित्सा बिलों की प्रतिपूर्ति और अपनी सेवानिवृत्ति के बाद व्यक्तिगत पासपोर्ट पर विदेश यात्रा के लिए लंबी अवधि के वीजा शुल्क का भुगतान संबंधी आरोप लगाया गया है।
उनके खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला रेलवे द्वारा एक शिकायत के बाद सतर्कता जांच के मद्देनजर लिया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि बनर्जी के खिलाफ मामले में महत्वपूर्ण वित्तीय निहितार्थ नहीं हो सकते हैं, लेकिन इसमें कदाचार और सत्ता के दुरुपयोग के मुद्दे शामिल हैं।
इस बीच बनर्जी ने सभी आरोपों का खंडन किया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY