जरुरी जानकारी | टुलो-कैप्रिकॉर्न के विलय के बाद बनी कंपनी के सीईओ होंगे राहुल धीर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय मूल के राहुल धीर, ब्रिटेन स्थित टुलो ऑयल और कैप्रिकॉर्न एनर्जी के विलय के बाद बनी संयुक्त कंपनी के शीर्ष अधिकारी होंगे।
नयी दिल्ली, एक जून भारतीय मूल के राहुल धीर, ब्रिटेन स्थित टुलो ऑयल और कैप्रिकॉर्न एनर्जी के विलय के बाद बनी संयुक्त कंपनी के शीर्ष अधिकारी होंगे।
निवेश बैंकर से तेल क्षेत्र में कार्यपालक अधिकारी बने धीर (56) ने 2016 में केयर्न एनर्जी की भारतीय इकाई को सूचीबद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। केयर्न एनर्जी का नाम बाद में बदलकर कैप्रिकॉर्न एनर्जी हो गया।
दोनों कंपनियों ने बुधवार को एक बयान में कहा कि धीर विलय के बाद बनी संयुक्त कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) होंगे।
विलय सौदे के तहत कैप्रिकॉर्न के शेयरधारकों को उनके प्रत्येक शेयर के बदले टुलो के 3.81 शेयर मिलेंगे। कैप्रिकॉर्न के शेयरधारकों की संयुक्त कंपनी में 47 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि टुलो के शेयरधारकों के पास 53 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
टुलो के चेयरमैन फुथुमा न्हलेको संयुक्त समूह के प्रमुख होंगे, जबकि टुलो के सीईओ धीर संयुक्त समूह के सीईओ होंगे।
संयुक्त कंपनी के बोर्ड में पांच गैर-कार्यकारी निदेशक होंगे, जिनमें दो टुलो के और तीन कैप्रिकॉर्न के होंगे।
धीर ने आईआईटी दिल्ली (बीटेक), टेक्सास विश्वविद्यालय (एमएससी) और व्हॉर्टन स्कूल (एमबीए) से पढ़ाई की है और पेट्रोलियम इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया, जिसके बाद वह मॉर्गन स्टेनली और मेरिल लिंच से जुड़े। बाद में वह केयर्न एनर्जी में शामिल हो गए। इसके बाद वह अप्रैल, 2020 में सीईओ के रूप में टुलो ऑयल पीएलसी से जुड़ गए।
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