विदेश की खबरें | ब्रिटिश प्रधानमंत्री पद की दौड़ : ऋषि सुनक ने करों में कटौती को लेकर अपना नजरिया पेश किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. टोरी सदस्यों को सोमवार से डाक मतपत्र भेजने की शुरुआत के साथ ही कंजर्वेटिव पार्टी का नया नेता चुनने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। वहीं, ऋषि सुनक ने कहा कि अगर वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री निर्वाचित होते हैं, तो वह अगले कुछ वर्षों में आयकर की मूल दरों को मौजूदा 20 प्रतिशत से घटाकर 16 प्रतिशत करेंगे।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लंदन, एक अगस्त टोरी सदस्यों को सोमवार से डाक मतपत्र भेजने की शुरुआत के साथ ही कंजर्वेटिव पार्टी का नया नेता चुनने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। वहीं, ऋषि सुनक ने कहा कि अगर वह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री निर्वाचित होते हैं, तो वह अगले कुछ वर्षों में आयकर की मूल दरों को मौजूदा 20 प्रतिशत से घटाकर 16 प्रतिशत करेंगे।

‘ओपिनियन पोल’ में अपनी प्रतिद्वंद्वी लिज ट्रस से पिछड़ते दिख रहे 42 वर्षीय पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि उनके“आमूल-चूल नजरिये” का अर्थ होगा 20 प्रतिशत की कर कटौती -जो “30 वर्षों में आयकर में सबसे बड़ी कटौती होगी।”

चुनाव प्रचार में कर कटौती प्रमुख मुद्दा बन गया है। ट्रस ने जहां पहले दिन से कटौती करने का वादा किया है, वहीं सुनक ने बढ़ती मुद्रास्फीति को रोकने के लिए अधिक नपे-तुले दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही है।

सुनक ने कहा, “आज जो मैं लोगों के सामने रख रहा हूं, वह (पूर्व टोरी प्रधानमंत्री) मार्गरेट थैचर की सरकार के बाद से सबसे बड़ी आयकर कटौती देने का एक दृष्टिकोण है।”

उन्होंने कहा, “यह एक आमूलचूल नजरिया है, लेकिन साथ ही यथार्थवादी भी और कुछ मूल सिद्धांत हैं, जिनसे समझौते के लिये मैं तैयार नहीं हूं।’’

प्रस्ताव के तहत, सुनक ने कहा कि वह अप्रैल 2024 में आयकर में अपनी पहले घोषित एक प्रतिशत कटौती पर कायम रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अगली संसद का कार्यकाल खत्म होने तक 2029 के आसपास तीन प्रतिशत की कटौती और की जाएगी। इससे आयकर की मूल दर 20 प्रतिशत से घटकर 16 प्रतिशत हो जाएगी।

अपनी प्रतिद्वंद्वी द्वारा करों को लेकर कहीं गई बातों पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए सुनक ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “सबसे पहले, मैं कभी भी इस तरह से करों को कम नहीं करूंगा, जो सिर्फ मुद्रास्फीति को बढ़ाएं। दूसरा, मैं कभी ऐसे वादे नहीं करूंगा, जिन्हें मैं पूरा नहीं कर सकता। और तीसरी बात, हम जिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, उनके बारे में मैं हमेशा ईमानदार रहूंगा।”

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