देश की खबरें | आप विधायकों को भाजपा के 'रुपयों की पेशकश' करने के आरोप पर पंजाब पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों को खरीदने की कोशिश करने के सिलसिले में की गयी शिकायत के आधार पर बुधवार को एक प्राथमिकी दर्ज की।
चंडीगढ़, 14 सितंबर पंजाब पुलिस ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों को खरीदने की कोशिश करने के सिलसिले में की गयी शिकायत के आधार पर बुधवार को एक प्राथमिकी दर्ज की।
आप ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उसके विधायकों को खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से इसकी शिकायत की है।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को इस मुद्दे पर पार्टी विधायकों के साथ राज्य के डीजीपी गौरव यादव से मुलाकात की और इस मामले की गहन जांच की मांग की।
इससे पहले, आम आदमी पार्टी ने कहा था कि पंजाब में भगवंत मान सरकार को गिराने के प्रयास के चलते भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से आप के 10 विधायकों को 25-25 करोड़ रुपये की पेशकश की गयी है।
पंजाब पुलिस के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, “राज्य के कुछ विधायकों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद पंजाब पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा आठ और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 171-बी और 120-बी के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।”
प्रवक्ता ने कहा, “पुलिस ने इस मामले में प्रथम दृष्टया प्राथमिकी दर्ज की और मानक दिशानिर्देशों के अनुसार जांच को सतर्कता ब्यूरो को स्थानांतरित कर दिया गया है।”
इससे पहले विपक्षी कांग्रेस ने सत्तारूढ़ दल को चुनौती दी थी कि वह उच्च न्यायालय की देखरेख में एक स्वतंत्र एजेंसी से इस मामले की जांच करवाए।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने आरोपों को “सबसे हास्यास्पद मजाक” बताते हुए आरोपों की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की।
चीमा के साथ पार्टी विधायक बुध राम, कुलवंत पंडोरी, मंजीत सिंह बिलासपुर, दिनेश चड्ढा, नरिंदर कौर भराज, रमन अरोड़ा, पुष्पिंदर सिंह हैप्पी, कुलजीत सिंह रंधावा और लाभ सिंह उगोके डीजीपी के कार्यालय गए और इसकी शिकायत की।
चीमा ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की “अपवित्र रणनीति का पर्दाफाश” करने के लिए उन्होंने और आप विधायकों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए डीजीपी गौरव यादव को “सभी सबूतों” के साथ एक औपचारिक शिकायत दी।
उन्होंने कहा कि जालंधर पश्चिम की विधायक शीतल अंगुरल को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में भाजपा नेताओं और एजेंटों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
उन्होंने कहा, “उनसे कहा गया कि अगर वह साक्ष्य पेश करेंगे तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। हमारे पास इसका भी साक्ष्य है।”
उन्होंने कहा कि दिल्ली और पंजाब के भाजपा एजेंटों और कार्यकर्ताओं ने पंजाब में सरकार गिराने के लिए आप के 35 विधायकों को कथित तौर पर पार्टी से अलग करने की कोशिश की थी।
चीमा ने भाजपा पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करके और पैसे की पेशकश करके विभिन्न राज्यों में चुनी हुई सरकारों को गिराकर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया।
चीमा ने कहा कि लेकिन पंजाब में ‘ऑपरेशन लोटस’ पूरी तरह से विफल हो गया है।
पंजाब के वित्त मंत्री ने दावा किया कि अन्य राज्यों में आप के बढ़ते ग्राफ से भाजपा को खतरा है।
उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में अपनी ‘कुटिल साजिशों’ में कभी सफल नहीं होगी, भले ही वे 2,200 करोड़ रुपये की पेशकश करें, क्योंकि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी के वफादार सैनिक चट्टान की तरह खड़े हैं।
इस बीच, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भाजपा का ‘ऑपरेशन लोटस’ पहले दिल्ली में विफल रहा था, जहां वह आप विधायकों को नहीं खरीद सकी थी।
मान ने एक वीडियो संदेश में कहा, “अब, उन्होंने पंजाब में छह-सात विधायकों से संपर्क करने की कोशिश की है। विधायकों को पैसे की पेशकश की गई थी।”
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग ने सत्तारूढ़ दल के दावों को “सबसे हास्यास्पद मजाक” बताते हुए आरोपों की सीबीआई जांच की मांग की।
चुग ने कहा, “यह सबसे हास्यास्पद मजाक है कि आप पंजाबियों से खेल रही है क्योंकि वे लोगों का ध्यान उस घोर भ्रष्टाचार से हटाना चाहते हैं जो आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब में शराब नीति में किया है।”
चुग ने कहा कि 'फर्जी कॉल' के आधार पर शिकायत लेकर डीजीपी के पास जाकर आप सरकार घटिया और भ्रामक राजनीति कर रही है, जो आने वाले समय में पंजाब के लिए आपदा साबित होगी।
उन्होंने कहा कि इसी तरह की रणनीति आप ने दिल्ली में भी अपनाई थी, जो अंततः “एक धोखा साबित हुई”।
उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी पंजाब के लिए गंभीर खतरा पैदा करने वाले मुख्य मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए उपहास और नौटंकी की राजनीति कर रही है।”
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