पुडुचेरी, चार सितम्बर पुडुचेरी में जुलाई महीने के अंत तक हर 20 में से एक व्यक्ति में कोरोना वायरस संक्रमण के साक्ष्य दिखाई दिए जबकि शहरी आबादी में एंटीबॉडी के लिए संक्रमण की दर ग्रामीण आबादी की तुलना में अधिक रही। केंद्र प्रशासित जवाहरलाल स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (जेआईपीएमईआर) द्वारा किए गए एक समुदाय-आधारित सर्वेक्षण में यह पाया गया है।
प्रमुख चिकित्सा संस्थान ने पुडुचेरी में आबादी के बीच कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव की सीमा का पता लगाने के तहत शरीर में एंटीबॉडी के प्रसार का अध्ययन करने के लिए सर्वेक्षण किया था।
जेआईपीएमईआर की ओर से शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, सर्वेक्षण में पाया गया कि जुलाई महीने के अंत तक पुडुचेरी जिले के हर 20 में से एक व्यक्ति में कोरोना वायरस संक्रमण के साक्ष्य दिखाई दिए।
संस्थान द्वारा गठित दल ने मरीजों का चयन किया और उनके रक्त नमूने एकत्र किए।
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उन्होंने नमूनों का परीक्षण किया और नतीजों का आकलन किया।
विज्ञप्ति के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश के 30 अलग-अलग स्थानों से 18 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के वयस्कों के नमूने एकत्र किए गए, जिनमें से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी का अनुपात 21:9 रहा।
यह नमूने 11 अगस्त से 16 अगस्त के बीच एकत्र किए गए थे।
इसके मुताबिक, कुल 869 वयस्कों में से 43 के शरीर में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी पायी गयी।
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