देश की खबरें | प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्रीय मंत्री रत्नलाल कटारिया को काले झंडे दिखाए
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

अंबाला, एक दिसंबर केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 100 से ज्यादा किसानों ने हरियाणा के अंबाला शहर से सटे जांडली गांव में केंद्रीय मंत्री रत्न लाल कटारिया को मंगलवार को काले झंडे दिखाए।

केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री कटारिया, अंबाला शहर से भाजपा विधायक असीम गोयल एवं पार्टी के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ थे।

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अंबाला से सांसद कटारिया अंबाला-राजपुरा रेल खंड पर अंडरब्रिज की नींव रखने के लिए जांडली गांव गए थे।

प्रदर्शनकारी किसानों में अधिकतर युवा थे। उन्होंने स्थल के बाहर उस समय काले झंडे दिखाए जब कटारिया कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सरकार विरोधी नारे भी लगाए और मंत्री तथा भाजपा के अन्य नेताओं से वापस जाने को कहा।

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एक किसान नेता चरणजीत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार झूठा दावा कर रही है कि हरियाणा के किसान दिल्ली की सीमाओं के पास चल रहे प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के किसानों में भी कृषि कानूनों के खिलाफ काफी नाराजगी है और बड़ी संख्या में किसान पहले से ही दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं।

सिंह ने कहा कि किसानों की मांगों को जबतक नहीं मान लिया जाता, तब तक किसी भी मंत्री या विधायक को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।

कार्यक्रम के बाद कटारिया को पुलिस की सुरक्षा में उनकी कार से ले जाया गया। वह केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री भी हैं।

मंत्री के जाने तक किसान लगातार काले झंडे दिखाते रहे और नारेबाजी करते रहे।

अपनी कार में बैठने के फौरन बाद काटरिया ने पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत में प्रदर्शनकारियों पर तंज कसा।

उन्होंने कहा, " मेरे पीछे जो काले झंडे दिखा रहे हैं और नारे लगा रहे हैं, अगर उन्हें किसी के बारे में सोचना है...., कम से कम अंबाला के विकास के बारे में विचार करना चाहिए। क्या उन्हें यहीं काले झंडे दिखाने थे।"

कटारिया ने कहा, " मैं ईश्वर से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हं कि जो लोग काले झंडे दिखा रहे हैं, उन्हें समझ दें। उन्हें अच्छी तरह से कृषि कानूनों को पढ़ना चाहिए तभी उनको पता चलेगा कि यह उनके लिए वाकई लाभदायक हैं।"

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