देश की खबरें | केरल में प्रदर्शनकारियों ने तुषार गांधी के खिलाफ की नारेबाजी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में तिरुवनंतपुरम के निकट कुछ लोगों ने महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी के खिलाफ नारे लगाए और उनसे कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ दिए गए बयान को वापस लेने की मांग की। पुलिस ने यह जानकारी दी।

तिरुवनंतपुरम, 13 मार्च केरल में तिरुवनंतपुरम के निकट कुछ लोगों ने महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी के खिलाफ नारे लगाए और उनसे कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ दिए गए बयान को वापस लेने की मांग की। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि संघ परिवार से कथित रूप से जुड़े लोगों के एक समूह ने बुधवार शाम नेय्याट्टिनकारा में एक समारोह के अंत में तुषार गांधी के खिलाफ नारे लगाए।

उन्होंने बताया कि इस संबध में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। तुषार गांधी दिवंगत गांधीवादी पी गोपीनाथन नायर की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए नेय्याट्टिनकारा गए थे।

अपने भाषण में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि देश की आत्मा को कैंसर ने जकड़ किया है, साथ ही उन्होंने कहा कि संघ परिवार इसे फैला रहा है।

टीवी चैनलों पर प्रसारित किए गए कुछ वीडियो में कुछ लोगों का समूह तुषार गांधी से अपना बयान वापस लेने की मांग के नारे लगाते दिखाई दे रहा है। टीवी चैनलों ने अपनी खबरों में कहा कि वे आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ता थे और तुषार गांधी से अपना बयान वापस लेने की मांग कर रहे थे।

भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और तुषार गांधी की कार को रोके जाने के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नगरपालिका वार्ड का प्रतिनिधित्व भाजपा करती है।

टीवी चैनलों में प्रसारित खबरों के अनुसार, तुषार गांधी कथित तौर पर ‘‘गांधीजी की जय’’ का नारा लगाने के बाद वहां से चले गए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका रुख अडिग है।

बाद में, तुषार गांधी ने कहा कि वह आरएसएस-भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे।

उन्होंने बृहस्पतिवार को एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘मेरे ऊपर कोई हमला नहीं हुआ, उन्होंने केवल मेरा वाहन रोका इसलिए मैं कोई कार्रवाई नहीं करूंगा।’’

केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) प्रमुख के सुधाकरन ने बुधवार देर रात एक बयान जारी कर घटना की निंदा की।

सुधाकरन ने कहा, ‘‘ जो सांप्रदायिक ताकतें गांधी को दरकिनार करती हैं और गोडसे का महिमामंडन करती हैं, उनके लिए केरल की धर्मनिरपेक्ष धरती पर कोई जगह नहीं है।’’

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