जरुरी जानकारी | कंपनी कानून के तहत दाखिल फॉर्म संभालने के लिए केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र बनाने का प्रस्ताव

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. सरकार क्षेत्रीय कार्यालयों के पास जमा किए गए फॉर्म के प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र गठित करेगी। इससे कंपनियों को अधिक तेजी से जवाब दिया जा सकेगा।

नयी दिल्ली, एक फरवरी सरकार क्षेत्रीय कार्यालयों के पास जमा किए गए फॉर्म के प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र गठित करेगी। इससे कंपनियों को अधिक तेजी से जवाब दिया जा सकेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को संसद में वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश करते हुए केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र के गठन का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा, "कंपनी अधिनियम के तहत क्षेत्रीय कार्यालयों में जमा किए गए विभिन्न फॉर्म के केंद्रीकृत प्रबंधन के लिए एक केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र बनाया जाएगा। इससे कंपनियों को अधिक तेजी से जवाब दिया जा सकेगा।"

सीतारमण ने बिना दावा वाले शेयरों एवं लाभांश के भुगतान को आसान बनाने के लिए ‘निवेशक शिक्षण एवं संरक्षण कोष प्राधिकरण’ (आईईपीएफ) बनाए जाने का भी प्रस्ताव रखा। आईईपीएफ कंपनी मामलों के मंत्रालय के तहत कार्य करेगा।

उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए बिना दावा वाले शेयरों एवं भुगतान न किए गए लाभांश पर दोबारा दावा करने के लिए एक एकीकृत आयकर पोर्टल भी विकसित किया जाएगा। निवेशक इस पोर्टल पर आईईपीएस से दावा आसानी से कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि ये कदम कारोबारी सुगमता को बढ़ाने के इरादे से उठाए जा रहे हैं। सरकार ने पिछले वर्षों में कारोबारी सुगमता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं जिनमें 39,000 से अधिक अनुपालनाओं को हटाना और 3,400 से अधिक कानूनी प्रावधानों को अपराध-मुक्त करना है।

प्रेम

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