ताजा खबरें | काले धन पर श्वेत पत्र लाने का प्रस्ताव विचाराधीन नहीं: सरकार

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में कहा कि काले धन पर श्वेत पत्र लाने का कोई प्रस्ताव उसके विचाराधीन नहीं है।

नयी दिल्ली, 22 मार्च केंद्र सरकार ने मंगलवार को संसद में कहा कि काले धन पर श्वेत पत्र लाने का कोई प्रस्ताव उसके विचाराधीन नहीं है।

काले धन पर श्वेत पत्र लाने संबंधी एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा को यह जानकारी दी। काले धन पर लगाम के लिए सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस लड़ाई में अनेक प्रभावी कदम उठाए हैं।

तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर रॉय ने वर्ष 2012 में तत्कालीन सरकार द्वारा काले धन के बारे में लाए गए श्वेत पत्र का उदाहरण देते हुए सरकार से सवाल किया था कि क्या वह काले धन पर एक अन्य श्वेत पत्र जारी करेगी।

इसके जवाब में चौधरी ने कहा, ‘‘ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। जैसा कि उल्लेख किया गया है देश में काले धन पर लगाम लगाने के लिए आयकर विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं।’’

उन्होंने कहा कि 2012 में काले धन पर सरकार द्वारा संसद में श्वेत पत्र जारी करने के बाद देश में इस समस्या पर लगाम कसने के लिए आयकर विभाग ने ठोस कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इनमें क्षमता निर्माण और सूचनाओं के एकीकरण तथा सूचना प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रयोग के माध्यम से इस पर उचित ध्यान देने के साथ ठोस विधायी और प्रशासनिक ढांचे, प्रणालियां एवं प्रक्रियाएं अपनाना शामिल है।’’

उन्होंने कहा कि 2014 में काले धन के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के दो पूर्व न्यायाधीशों की अध्यक्षता में विशेष जांच दल का गठन किया गया और विदेशों में रखे गए काले धन से विशेष रूप से एवं अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए काला धन और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 लाया गया।’’

उन्होंने कहा कि इस कानून में कठोर दंडात्मक परिणाम निर्धारित करने के अलावा धन शोधन निवारण कानून 2002 में अघोषित विदेशी संपत्ति के संबंध में जानबूझकर कर से बचने के प्रयास आदि को अनुसूचित अपराध के रूप में शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर, 2021 की स्थिति के अनुसार काला धन और कर अधरोपण अधिनियम 2015 के तहत अघोषित विदेशी संपत्ति और 39620 करोड़ रुपए से अधिक की आय वाले 586 मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2012-13 से 2021-22 (जनवरी, 2022 तक) के दौरान आय कर विभाग द्वारा 6730 समूहों के संबंध में की गई तलाशी एवं जब्ती कार्रवाई के तहत 9867.04 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

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