ताजा खबरें | ‘‘गुणवत्ताहीन बीजों, कीटनाशकों से फसल खराब होने पर उत्पादक कंपनियां दे किसानों को मुआवजा’’

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा में मंगलवार को सरकार से मांग की गई कि बीजों और कीटनाशकों की गुणवत्ता अच्छी नहीं होने की वजह से किसानों की फसलें खराब हो जाने पर इन बीजों तथा कीटनाशकों का उत्पादन करने वाली कंपनियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उनसे किसानों को समुचित मुआवजा दिलाया जाना चाहिए।

नयी दिल्ली, 22 सितंबर राज्यसभा में मंगलवार को सरकार से मांग की गई कि बीजों और कीटनाशकों की गुणवत्ता अच्छी नहीं होने की वजह से किसानों की फसलें खराब हो जाने पर इन बीजों तथा कीटनाशकों का उत्पादन करने वाली कंपनियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उनसे किसानों को समुचित मुआवजा दिलाया जाना चाहिए।

भाजपा के डॉ अशोक बाजपेयी ने शून्यकाल में महंगे बीजों तथा कीटनाशकों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई बार इनकी गुणवत्ता अच्छी न होने की वजह से किसान की पूरी फसल खराब हो जाती है।

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उन्होंने कहा कि इन दिनों देश में कई कंपनियां ‘हाइब्रिड’ बीजों और तरह तरह के उन्नत बीजों का दावा करते हुए कारोबार कर रही हैं। इनमे कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं।

बाजपेयी ने कहा ‘‘ इन बीजों और कीटनाशकों के विज्ञापन आकर्षक होते हैं और कीमत भी अधिक होती है। किसान बुआई की तैयारी करता है और भ्रामक विज्ञापनों के कारण अथवा दुकानदार द्वारा बढ़-चढ़ा कर खूबियां बताने की वजह से वह महंगे बीज और कीटनाशक खरीद कर लाता है। वह बुआई करता है और सिंचाई करता है। लेकिन पूरी मेहनत के बावजूद बीज से फसल तैयार नहीं होती। अगर फसल तैयार होती भी है तो अच्छा दाना नहीं निकलता ।’’

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उन्होंने कहा ‘‘कीटनाशकों का भी यही हाल है। फसल में कीड़े लगने पर किसान तथाकथित अच्छे और महंगे कीटनाशकों का उपयोग करता है लेकिन उनका असर नहीं होता और उसकी फसल खराब हो जाती है। किसान के पास हाथ मलने के अलावा और कोई चारा नहीं होता क्योंकि उसकी पूरी मेहनत बर्बाद हो चुकी होती है।

बाजपेयी ने कहा कि किसानों को इस तरह ठगने का कारोबार इन दिनों खूब फल-फूल रहा है।

उन्होंने सरकार से इस पर अंकुश लगाने की मांग करते हुए कहा कि इस बारे में कठोर नियम बनाए जाने चाहिए । उन्होंने यह भी कहा कि बीजों और कीटनाशकों की गुणवत्ता अच्छी न होने की वजह से किसानों की फसल खराब हो जाने पर इन बीजों तथा कीटनाशकों का उत्पादन करने वाली कंपनियों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और उनसे किसानों को समुचित मुआवजा दिलाया जाना चाहिए।

मनीषा

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