देश की खबरें | आदि कैलाश के श्रद्धालुओं को इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया टली
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश चोटी और ओम पर्वत जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 'इनर लाइन परमिट' जारी करने की प्रक्रिया को क्षेत्र में मौसमी संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए आगे टाल दिया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पिथौरागढ़, दो सितंबर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश चोटी और ओम पर्वत जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 'इनर लाइन परमिट' जारी करने की प्रक्रिया को क्षेत्र में मौसमी संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों को देखते हुए आगे टाल दिया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले, जिला प्रशासन द्वारा की गयी घोषणा के अनुसार मानसून के आगमन के साथ ही स्थगित की गयी इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया को आदि कैलाश यात्रा के दूसरे चरण के लिए एक सितंबर से दोबारा शुरू किया जाना था।
धारचूला के उपजिलाधिकारी मंजीत सिंह ने कहा, ''बारिश के रुकने और मौसम के सुधरने के बाद हम श्रद्धालुओं के लिए इनर लाइन पास जारी करना शुरू कर देंगे।''
उन्होंने कहा कि इनर लाइन पास जारी करने की प्रक्रिया अक्टूबर के आखिरी सप्ताह तक चलती रहेगी।
यात्रा के लिए नोडल एजेंसी कुमांउ मंडल विकास निगम ने कहा कि वह श्रद्धालुओं को आदि कैलाश चोटी और ओम पर्वत के दर्शन के लिए मौसम ठीक होने के बाद 29 सितंबर से ले जाएगी।
यात्रा के धारचूला आधार शिविर के प्रभारी धन सिंह ने कहा, '' ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कम बर्फबारी होने के कारण अभी ओम पर्वत बहुत स्पष्ट रूप से नहीं दिखाई दे रहा है। बीस सितंबर के बाद अधिक बर्फबारी होने की उम्मीद है। उसके बाद श्रद्धालुओं के लिए मौसम ज्यादा अनुकूल रहेगा।''
बारिश के आगमन के मद्देनजर आदि कैलाश यात्रा का पहला चरण दो जुलाई को समाप्त कर दिया गया था।
धारचूला के एक टूर ऑपरेटर पुनीत कुटियाल ने कहा, ''यात्रा के दूसरे चरण के लिए हमें देश भर से श्रद्धालुओं की दो हजार से भी ज्यादा बुकिंग मिली हैं।''
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि यात्रा के पहले चरण में 21 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए।
टूर ऑपरेटरों को दूसरे चरण के दौरान 10 हजार श्रद्धालुओं के दोनों स्थानों पर जाने की उम्मीद है। दूसरा चरण 15 नवंबर तक चलेगा।
पिछले साल अक्टूबर में आदि कैलाश चोटी के दर्शन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जोलिंगकोंग पहुंचने के बाद से आदि कैलाश यात्रा पर आने वाले दर्शनार्थियों की संख्या में दस गुना इजाफा हुआ है।
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