देश की खबरें | आधुनिक इलाज सुविधाएं उपलब्ध कराने के वास्ते निजी क्षेत्र सरकार के साथ मिलकर काम करे: नायडू

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अधिकांश गांवों में आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की कमी पर रविवार को चिंता व्यक्त की और निजी क्षेत्र से सस्ती कीमत पर ग्रामीण क्षेत्रों में निदान और उपचार की नवीनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 20 दिसम्बर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने अधिकांश गांवों में आधुनिक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं की कमी पर रविवार को चिंता व्यक्त की और निजी क्षेत्र से सस्ती कीमत पर ग्रामीण क्षेत्रों में निदान और उपचार की नवीनतम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया।

नायडू ने भारत में चिकित्सक-मरीज अनुपात के मुद्दे को भी उठाया और कहा कि यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक हजार लोगों के लिए एक चिकित्सक संबंधी मानक से भी कम है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है और निजी क्षेत्र को सस्ती दरों पर चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने में सरकार के प्रयासों को पूरा करना चाहिए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार उपराष्ट्रपति ने कहा कि अधिकांश लोग जेब खर्च के जरिये चिकित्सा लागतों को पूरा करते हैं। उन्होंने कहा कि बीमा कवरेज को बढ़ाने की बहुत जरूरत है।

हैदराबाद में ‘सोसाइटी ऑफ कोरोनरी सर्जन’ की ऑनलाइन शुरूआत करते हुए नायडू ने लोगों से नियमित रूप से योग करने तथा ध्यान लगाने और पारंपरिक भारतीय खाद्य आदतों पर लौटने का आग्रह किया, ताकि आधुनिक जीवन शैली के कारण होने वाले तनाव को दूर किया जा सके और गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) से ग्रस्त होने से बचा जा सके।

उपराष्ट्रपति ने केन्द्र सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘आयुष्मान भारत’ की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह वास्तव में एक उल्लेखनीय पहल है जो 10.74 करोड़ से अधिक गरीब और कमजोर परिवारों को अस्पताल में भर्ती के लिए प्रतिवर्ष प्रति परिवार के लिए पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करता है।

उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कुछ दशकों में चिकित्सा क्षेत्र में बहुत प्रगति की है और यह देश हाल के वर्षों में एक चिकित्सा पर्यटन स्थल के रूप में उभरा है।

नायडू ने कहा कि पहले भारत से मरीज इलाज के लिए विदेश जाते थे। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन विकसित देशों सहित विभिन्न देशों के मरीज सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा के लिए भारत आ रहे हैं।’’

कोविड-19 महामारी के बाद से चिकित्सा, पैरामेडिकल और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निस्वार्थ और उल्लेखनीय सेवा की सराहना करते हुए उन्होंने खुशी व्यक्त की कि स्वदेशी टीका जल्द ही आ जायेगा।

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