देश की खबरें | बिजली कंपनियों के बोर्ड में निजी व्यक्तियों को सरकारी अधिकारियों से प्रतिस्थापित किया जाए : उपराज्यपाल
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नयी दिल्ली, 13 जनवरी उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने बीएसईएस वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) बीआरपीएल और बीवाईपीएल के बोर्ड में दिल्ली सरकार के नामित लोगों को उनकी नियुक्ति “पूरी तरह से अवैध” होने के कारण हटाने का निर्देश दिया है।
उपराज्यपाल (एलजी) कार्यालय के सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि सक्सेना ने बीआरपीएल और बीवाईपीएल के बोर्ड में नामित किए गए “निजी व्यक्तियों” की जगह वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को नियुक्त करने का निर्देश दिया है।
एलजी ने 26 सितंबर, 2022 को एक शिकायत के बाद बिजली विभाग और मुख्य सचिव द्वारा उन्हें सौंपी गई एक जांच रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया है।
एक सूत्र ने कहा, “अनिल अंबानी के स्वामित्व वाली डिस्कॉम (बीआरपीएल और बीवाईपीएल) के बोर्ड में संवैधानिक प्रावधानों के पूर्ण उल्लंघन में, आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा अपने नामितों के रूप में निजी व्यक्तियों की अवैध नियुक्तियों के कारण एलजी ने इन्हें हटाने और उनकी जगह वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को नियुक्त करने के लिए कहा है, जैसा पूर्व में होता रहा है।” सरकार द्वारा नामित लोगों में जैस्मीन शाह (आप प्रवक्ता), नवीन एनडी गुप्ता (आप सांसद एनडी गुप्ता के बेटे), उमेश त्यागी और जेएस देसवाल शामिल हैं।
सूत्र ने कहा कि डिस्कॉम के बोर्ड में इन निजी व्यक्तियों का नामांकन स्पष्ट रूप से अवैध था “क्योंकि कानून की उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था और उनकी नियुक्ति निरर्थक थी”।
सूत्र ने कहा, “इन नामित लोगों ने राज्य के खजाने और दिल्ली सरकार द्वारा संचालित उपक्रमों (डीटीएल, आईपीजीसीएल और पीपीसीएल) की कीमत पर अंबानी की डिस्कॉम को हजारों करोड़ रुपये का अनुचित वित्तीय लाभ प्रदान किया। एलजी ने मुख्यमंत्री को इस बारे में अवगत कराने और कार्रवाई करने की मांग की है।”
रिपोर्ट में कहा गया कि आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा तत्कालीन उपराज्यपालों नजीब जंग और अनिल बैजल की फाइल पर दर्ज आपत्तियों के बावजूद 2019 में बीआरपीएल और बीवाईपीएल के बोर्ड में “सरकारी नामितों” के तौर पर “निजी लोगों” की नियुक्ति की।
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