देश की खबरें | पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ‘पृथ्वी एक, प्रयास अनेक’ का आह्वान किया

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नयी दिल्ली, पांच जून प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वैश्विक पहल ‘‘पर्यावरण के लिए जीवनशैली अभियान’’ (लाइफ-लाइफस्टाइल फॉर द एनवायरनमेंट मूवमेंट) की शुरुआत की और दुनिया से ऐसी जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया जो ग्रह के अनुकूल हो और उसे कोई नुकसान नहीं पहुंचाती हो।

वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अपने ग्रह की चुनौतियों से हर कोई वाकिफ है, इसलिए टिकाऊ विकास को आगे बढ़ाने के लिए मानव-केंद्रित सामूहिक प्रयासों और सुदृढ़ कार्रवाई वक्त की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘लाइफ की दृष्टि है कि एक ऐसी जीवनशैली जीना जो हमारे ग्रह के अनुकूल हो और उसे नुकसान ना पहुंचाती हो। ऐसी जीवनशैली जीने वालों को ‘प्रो-प्लेनेट पीपुल’ (ग्रह हितैषी लोग) कहा जाता है। मिशन लाइफ इतिहास से लेता है, वर्तमान में काम करता है और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करता है।’’

‘‘वन अर्थ, मेनी एफर्ट्स’’ यानी ‘‘पृथ्वी एक, प्रयास अनेक’ ’’ का नारा देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यावरण को बेहतर बनाने और वैश्विक तंदुरुस्ती को सुधारने के हर कदम का भारत समर्थन करने को तैयार है।

उन्होंने कहा, ‘‘रेसक्यू, रिड्यूस और रिसाइकिल (कम करना, पुन: इस्तेमाल करना और पुनर्चक्रण करने) के विचार हमारे जीवन से जुड़े हुए हैं। सर्कुलर इकॉनमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) हमारी संस्कृति और जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा रहे हैं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में देवी-देवताओं से पेड़-पौधे और जानवर संबंधित रहे हैं और प्रकृति की तुलना देवताओं से की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘महात्मा गांधी ने शून्य कार्बन जीवनशैली की बात की थी। हमें अपने रोजाना के जीवन में सबसे टिकाऊ विकल्पों का चयन करना है। हमें रेसक्यू, रिड्यूस और रिसाइकिल के सिद्धंत का अनुसरण करना चाहिए। एक पृथ्वी, कई प्रयास।’’

मोदी ने कहा कि भारत ने पर्यावरण की बेहतरी के किए अच्छे प्रयास किए हैं और उनमें वन क्षेत्रों का बढ़ना, और बाघ, शेर, तेंदुआ, हाथी और गैंडों की आबादी का बढ़ना भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि बेहतर पर्यावरण और वैश्विक तंदुरूस्ती के लिए भारत सभी प्रयासों का समर्थन करने का तैयार है।

इस कार्यक्रम में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स, जलवायु अर्थशास्त्री लॉर्ड निकोलस स्टर्न, नज थ्योरी के लेखक प्रो. कैस सनस्टीन, वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टिट्यूट के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिरुद्ध दासगुप्ता, यूएनई की वैश्विक प्रमुख इंगर एंडरसन, यूएनडीपी के वैश्विक प्रमुख अचिम स्टेनर और विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

गेट्स ने जलवायु हितैषी व्यवहार को प्रोत्साहित करने में वैश्विक पहल के लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की।

उन्होंने कहा, ‘‘हम साथ मिलकर हरित औद्योगिक क्रांति ला सकते हैं। जलवायु परिवर्तन के समाधान के लिए कभी वैश्विक स्तर पर इतने प्रयास नहीं हुए। जल्वायु परिवर्तन के लक्ष्यों को हासिल करने में भारत की भूमिका और उसका नेतृत्व अहम है।’’

पिछले साल ग्लासगो में 26वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (कॉप26) के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा ‘लाइफ’ का विचार पेश किया गया था। यह विचार पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन शैली को बढ़ावा देता है, जो बिना गंभीर विचार किये और विनाशकारी उपभोग” के बजाय “सोच-समझकर और विचार आधारित उपयोग' पर केंद्रित है।

इस विचार को आगे बढ़ाते हुए 'लाइफ ग्लोबल कॉल फॉर पेपर्स' की भी शुरुआत की जाएगी, जो दुनिया भर में व्यक्तियों, समुदायों और संगठनों को पर्यावरण जागरूक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रभावित करने और उनसे अनुरोध करने के क्रम में शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों आदि से विचारों और सुझावों को आमंत्रित करेगा।

ब्रजेन्द्र

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