देश की खबरें | निजी संगठनों से पुरस्कार स्वीकार करने से पहले पूर्व अनुमति आवश्यक है: केंद्र

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नयी दिल्ली, 23 जून केंद्र ने निजी संगठनों से कोई भी पुरस्कार स्वीकार करने से पहले आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस अधिकारियों के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य कर दी है, लेकिन इस शर्त के साथ कि इसमें सुविधाओं के संदर्भ में नकद में कोई मौद्रिक घटक नहीं होना चाहिए।

कार्मिक मंत्रालय ने एक नये आदेश में कहा कि सक्षम प्राधिकारी केवल असाधारण परिस्थितियों में ही अधिकारियों को मंजूरी दे सकता है और ऐसे मामलों में, निजी निकायों/संस्थाओं/संगठनों की साख बेदाग होनी चाहिए।

यह कदम तब उठाया गया है जब सरकार ने देखा कि अखिल भारतीय सेवाओं - भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के सदस्य मौजूदा निर्देशों के बावजूद निजी निकायों द्वारा दिये गये पुरस्कार या मान्यता स्वीकार कर रहे हैं।

केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के सचिवों और राज्यों के मुख्य सचिवों को बृहस्पतिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि इस प्रकार यह स्पष्ट किया जाता है कि निजी निकायों, संस्थानों या संगठनों द्वारा दिए गए पुरस्कार केवल सक्षम प्राधिकारी की पूर्व मंजूरी के साथ ही स्वीकार किए जा सकते हैं।

इसमें कहा गया है कि राज्य में सेवारत अधिकारियों के मामले में सक्षम प्राधिकारी राज्य सरकार होगी।

इसमें कहा गया है, ‘‘केंद्र में सेवारत अधिकारियों के मामले में, सक्षम प्राधिकारी संबंधित मंत्रालय/विभाग का सचिव होगा। भारत सरकार के सचिवों के मामले में, सक्षम प्राधिकारी कैबिनेट सचिव होंगे।’’

आदेश में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी केवल असाधारण परिस्थितियों में ही मंजूरी दे सकता है और वह भी इस शर्त के तहत कि ‘‘पुरस्कार में नकदी या अन्य सुविधाओं के रूप में कोई मौद्रिक घटक नहीं होना चाहिए।’’

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